श्रीनगर : जम्मू कश्मीर में लद्दाख क्षेत्र को कश्मीर से जोड़ने राष्ट्रीय राजमार्ग और 86 किलोमीटर लम्बा ऐतिहासिक मुगल रोड ताजा हिमपात, भूस्खलन और फिसलन के कारण आज दूसरे दिन वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहा। श्रीनगर-जम्मू 300 किलोमीटर लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार को भूस्खलन होने के कारण छह घंटे तक बाधित रहने के बाद यातायात फिर से शुरू हो गया।

दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले को जम्मू के राजौरी और पुंछ से जोड़ने वाले ऐतिहासिक मुगल रोड पर पीर गली गली क्षेत्र सहित कई स्थानों पर ताजा हिमपात और भूस्खलन तथा फिसलन के कारण शनिवार को दूसरे दिन वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रखा गया। प्रशासन ने भूस्खलन के मलबे और बर्फ को हटाने के लिए काम शुरू कर दिया है। सुबह से मौसम ने भी प्रशासन को साथ दिया है और मौसम में सुधार देखा गया है। हालांकि उन्होंने कहा पीर की गली के दोनों ओर यातायात पुलिस कर्मी तैनात हैं और उनकी ओर से हरी झंडी का संकेत मिलने के बाद ही यातायात को चलने की अनुमति दी जायेगी।

उन्होंने कहा 434 किलोमीटर लंबे श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार दूसरे दिन ताजा हिमपात, फिसलन के कारण वाहनों की आवाजाही बंद रही। ताजा हिमपात सोनमर्ग, जोजिला, मीनमर्ग और द्रास में हुई। साइबेरिया के बाद विश्व के दूसरे सबसे ठंडे स्थानों हैं जहां हिमपात के कारण बहुत अधिक फिसलन है। फिसलन और दुर्घटना की आशंका का ध्यान में रखते हुए वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया है।

अधिकारी ने बताया कश्मीर से देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया है। यह राजमार्ग को कल बारिश, हिमपात और भूस्खलन होने के कारण बंद कर दिया था। हालांकि सीमा सड़क संगठन के कर्मियों ने राजमार्ग पर पड़ मलबे को साफ कर दिया है। यह मार्ग पांच घंटे तक बाधित रहा था।

उन्होंने कहा श्रीनगर और जम्मू के बीच हल्के वाहन दोनों ओर से चल रहे हैं। हालांकि भारी वहानों को एक ओर से चलाया जा रहा है। जम्मू से श्रीनगर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को आज चलने की अनुमति दी गयी है और दूसरी ओर से भारी वाहनों को अनुमति नहीं है।

 

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