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जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के कई नेताओं ने इस्तीफा दिया, प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी आलाकमान पर लगाया गंभीर आरोप

कांग्रेस की अंदरूऩी परेशानियां खत्म होने के बजाए लगातार बढ़ती ही जा रही है। पंजाब, राज्स्थान और छत्तीसगढ़ के बाद अब कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के सात प्रमुख नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना त्यागपत्र भेजा है और दावा किया है कि उन्हें इस केंद्रशासित प्रदेश में पार्टी से संबंधित मामलों को लेकर अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।

वहीं, त्यागपत्र भेजने वालों में चार पूर्व मंत्री और तीन विधायक हैं। सूत्रों का कहना है कि ये पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के करीबी हैं। कांग्रेस के इन नेताओं के इस्तीफे से कुछ दिनों पहले ही आजाद ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। बता दें कि अभी तक सूत्रों ने इस्तीफा देने वाले नेताओं के नाम प्रकट नहीं किए हैं।

सोनिया-राहुल को भेजी इस्तीफे की प्रतियां 

उनका कहना है कि इन नेताओं ने सोनिया गांधी के अलावा पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल को भी इस्तीफे की प्रतियां भेजी हैं। त्यागपत्र में इन नेताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के ‘शत्रुतापूर्ण रवैये’ के चलते यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर पर निशाना साधा है।

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एक साल से नेतृत्व से मिलने का समय मांग रहे थे, लेकिन समय नहीं दिया गया

सूत्रों ने यह भी बताया कि पूर्व उप मुख्यमंत्री तारा चंद समेत आजाद के करीब कुछ अन्य नेताओं ने इस्तीफा देने वाले नेताओं से दूरी बना ली है। इन नेताओं ने त्यागपत्र में कहा कि उन्होंने अपने मुद्दों की तरफ पार्टी आलाकमान का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। इन नेताओं का कहना है कि वे पिछले करीब एक साल से पार्टी नेतृत्व से मिलने का समय मांग रहे थे, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया।

प्रदेश अध्यक्ष पर साधा तीखा निशाना 

मीर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मीर के अध्यक्ष रहते पार्टी ही बहुत दयनीय स्थिति की तरफ बढ़ रही है और पार्टी के बहुत सारे नेता इस्तीफा देकर दूसरे दलों में शामिल हो गए, लेकिन कुछ ने खामोश रहने का फैसला किया है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस के कामकाज पर कुछ नेताओं पे कब्जा जमा रखा है।

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी चिंता का निदान पार्टी की व्यवस्था के तहत किया जाएगा और मीडिया के जरिये कुछ नहीं होगा। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इन नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि उन्होंने पार्टी आलाकमान पर निशाना साधा है।