जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल रेंज के भूदाल में 27 फरवरी को एक ग्रामीण ने सेना के अधिकारी को बताया कि उस दिन आसमान से कुछ गिरा था। ग्रामीण के इस वर्णन ने बलों को वह सुराग दे दिया था जिसकी उन्हें तलाश थी ताकि यह साबित किया जा सके कि भारत पर हमले के लिए पाकिस्तान ने एफ-16 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया था। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस पूरे वाकये को फिर से बयां किया।

जम्मू क्षेत्र के राजौरी मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर 51 गांवों के समूह वाला ‘तहसील’, ग्रामीण के उस दिन के वर्णन के बाद से खुफिया पूछताछ का केंद्र बन गया है जब पाकिस्तान द्वारा भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया गया था।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि पाकिस्तानी वायुसेना ने राजौरी इलाके में सेना के छह ठिकानों पर 11 बम गिराए थे जिसमें एक लड़की घायल हो गई थी।

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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के शिविर पर हवाई हमले के एक दिन बाद 27 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 के बाद से पहली बार हवाई संघर्ष हुआ था।

भूदाल के शिविर में सेना के एक अधिकारी को ग्रामीण ने बताया, “कुछ मिला है। आसमान से कुछ गिरा है। हमारे एक आदमी को लगी भी।”
एक अधिकारी ने उस नाटकीय दिन पर से पर्दा हटाने वाले घटनाक्रम की व्याख्या करते हुए बताया कि नियंत्रण रेखा के आस-पास तनाव बढ़ने के बीच एक टीम को यह देखने के लिए भेजा गया कि क्या गिरा है।

टीम ने पुर्जे एकत्रित किए और फिर शिविर में लौटे। उन्होंने याद किया कि इन पुर्जों को भारतीय वायु सेना के अधिकारियों को सौंप दिया गया जो जानते थे कि उनके हाथ जैकपॉट लग गया है।

ये पुर्जे एडवांस्ड रेंज एअर-टू-एअर मिसाइल (एम्राम) के थे जिसे केवल एफ-16 लड़ाकू विमान से ही दागा जा सकता था।

अधिकारियों के मुताबिक घायल व्यक्ति खतरे से बाहर है और उसकी एवं सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखी गई है।