जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने देश में राजनीतिक हालात सही नहीं बताते हुए कहा है कि राजनीतिक दलों के बीच महागठबंधन गलत हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जिस तरह से धर्म विशेष का माहौल बनाकर धर्मों एवं जातियों के बीच लड़ई शुरू कर रखी है, उसे भी सही नहीं ठहराई जा सकता। श्री अब्दुल्ला आज अजमेर में सुबह दरगाह की जियारत करने के बाद सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने महागठबंधन के नाम को ही गलत करार देते हुए कहा कि राजनीतिक दल अपने लिए सक्रिय हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने जिस तरह से धर्म विशेष का माहौल बनाकर धर्मों एवं जातियों के बीच लड़ई शुरू कर रखी है, उसे किसी भी स्थित में सही नहीं ठहराई जा सकता। उन्होंने कहा कि देश में जो राजनीतिक हालात हैं, वह सही नहीं है। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव में किसकी सरकार बनेगी के सवाल पर कहा कि जो सरकार आएगी उसे जनता बनाएगी। धर्म के नाम पर टुकड़ करने वाले और अमन की सरकार बनाने वालों के बीच चुनावी लड़ई चलेगी। उन्होंने यह भी कहा राम-रहीम में कभी लड़ई नहीं हुई तो फिर किसी एक ने राम का ठेका क्यों ले रखा है।

उन्होंने राम मंदिर बनने की साफ शब्दों में वकालत करते हुए कहा कि भगवान राम किसी एक के नहीं विश्व के राम है। भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले देश के दो करोड़ लोगों को नौकरी का वादा पूरा नहीं किया जा सका, देश के किसानों की हालत खराब है, उद्योगपति देश छोड़कर भाग रहे हैं, फिर बेरोजगारों को रोजगार कहां से मिलेगा। पश्चिम बंगाल के हालातों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल में जो काम किया है, उससे वहां अमन है और तरक्की भी बहुत हुई है। बंगाल के जो हालात हैं वह लोकसभा चुनाव में बहुमत को लेकर बने हुए है क्योंकि सभी सत्ता में आना चाहते हैं। ममता की रैली में जुटे पंद्रह लाख से ज्यादा लोगों ने भाजपा को हिलाके रख दिया। यही कारण है कि केंद, में बंगाल को लेकर उथल पुथल मची हुई है।