BREAKING NEWS

फव्वारा 2700 साल पुराना है....,ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग के दावे पर फिर भड़के ओवैसी◾'जब बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है...', राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर अधीर रंजन का ट्वीट ◾ सिख दंगों में देश ने देखी है कांग्रेस की नफरत की राजनीति...,राहुल के बयान पर BJP का पलटवार◾ज्ञानवापी विवाद : मौलाना तौकीर रजा का आह्वान, हर जिले में 2 लाख मुसलमान दें गिरफ्तारी ◾ज्ञानवापी शिवलिंग विवाद : DU प्रोफेसर की गिरफ्तारी को लेकर छात्रों का हंगामा◾NSE Co-Location Case : मुंबई-दिल्ली समेत 10 ठिकानों पर CBI का एक्शन◾नफरत की राजनीति कर रही है BJP, राहुल गांधी के बयान को AAP का समर्थन◾नवनीत राणा को BMC का नोटिस, 7 दिन में जवाब नहीं दिया तो होगी कार्रवाई◾शर्मनाक! JNU कैंपस में MCA की छात्रा से रेप, आरोपी छात्र गिरफ्तार◾उत्तराखंड : सड़क धंसने से यमुनोत्री हाईवे बंद, फंसे 3 हजार यात्री, सख्त हुए पंजीकरण के नियम ◾MP : मुस्लिम समझकर बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, Video जारी कर जीतू पटवारी ने गृहमंत्री से पूछा सवाल◾India Covid Update : पिछले 24 घंटे में आए 2,323 नए केस, 25 मरीजों की हुई मौत ◾रूस ने मारियुपोल पर पूरी तरह से कब्जे का किया दावा, मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है पूरा शहर ◾यूरोप में Monkeypox का कहर, जानें क्या है ये बला, और कैसे फैलता है संक्रमण◾कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में राहुल ने BJP पर जमकर बोला हमला, कहा-भारत में आज अच्छे हालात नहीं◾दिल्ली पुलिस ने DU प्रोफेसर रतन लाल को किया गिरफ्तार, शिवलिंग पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी ◾पिता की पुण्यतिथि पर भावुक हुए राहुल, बोले-मुझे उनकी बहुत याद आती है◾कोविड-19 : विश्व में कोरोना के मामले 52.66 करोड़ के पार, 11 बिलियन से अधिक का हुआ टीकाकरण ◾छह दिन में दूसरी बार बढ़े CNG के दाम, जानिए राजधानी सहित कई शहरों के रेट ◾ शीना बोरा मर्डर केस में इंद्राणी मुखर्जी हुई जेल से रिहा, जानें कैसे और क्यों कराई थी अपनी ही बेटी की हत्या ?◾

आरपीएफ अधिकारी ने कश्मीर में कानून-व्यवस्था के मद्देनजर कर्मियों को राशन जमा करने को कहा, विवाद

 बडगाम में रेलवे सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने पत्र लिखकर कर्मचारियों से ‘लंबे समय तक’ कश्मीर घाटी में ‘कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका’ के कारण राशन जमा करने समेत अन्य कदम उठाने का आह्वान किया। इस पत्र के बाद विभाग में खलबली मच गयी और रेलवे ने शनिवार को स्पष्ट किया कि इस पत्र का कोई आधार नहीं है और इसे जारी करने का संबंधित अधिकारी के पास कोई अधिकार नहीं है। 

आरपीएफ बडगाम के सहायक सुरक्षा आयुक्त सुदेश नुग्याल के इस पत्र को व्यापक रूप से सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ऐसे पत्र के मंसूबे पर सवाल खड़ा किया है। पत्र में कहा गया है, ‘‘ कश्मीर घाटी में लंबे समय तक स्थिति के बिगड़ने की आशंका और कानून व्यवस्था के संबंध में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और एसएसपी/जीआरपी/ एसआईएनए (श्रीनगर के सरकारी रेलवे पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) से मिली जानकारी के अनुरूप 27 जुलाई को एहतियात सुरक्षा बैठक हुई।’’ 

नुग्याल ने कर्मचारियों से कम से कम चार महीने के लिए राशन इकट्ठा कर लेने और अपने परिवार को घाटी के बाहर पहुंचा आने समेत एहतियाती कदम उठाने का आह्वान किया है। लेकिन रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि यह पत्र वरिष्ठ संभागीय सुरक्षा आयुक्त से बस एक पद नीचे के अधिकारी द्वारा बिना किसी अधिकार के पत्र भेजा गया जबकि वह 26 जुलाई से एक साल के अध्ययन अवकाश पर गये है। 

प्रवक्ता ने कहा कि इस अधिकारी ने अपनी धारणा के आधार पर यह पत्र जारी किया जिसका कोई आधार नहीं है और वह ऐसा पत्र जारी करने के लिए अधिकृत भी नहीं है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ यह भी स्पष्ट किया जाता है कि इस पत्र को अधिकृत करने वाले प्राधिकार से कोई मंजूरी नहीं मिली थी। आरपीएफ के महानिरीक्षक (एनआर) को स्थिति के आकलन और सुधार के कदम उठाने के लिए भेजा जा रहा है। यह विवाद ऐसे समय में खड़ा हुआ है जब राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 100 और कंपनियां राज्य में भेजे जाने को लेकर कश्मीरी नेताओं का एक वर्ग केंद्र की आलोचना कर रहा है।