BREAKING NEWS

कन्हैया ने मोदी सरकार पर बोला हमला, कहा - देश पर वर्तमान में शासन करने वाले अंग्रेजों के साथ चाय पे चर्चा किया करते थे◾CAA के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास करेगा तेलंगाना◾शाहीन बाग में बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी, लेकिन आपसी मतभेद ज्यादा, प्रदर्शन कम◾PAK में गुतारेस की J&K पर की गई टिप्पणी के बाद भारत ने कहा - जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा ◾मतभेदों को सुलझाने के लिए कमलनाथ और सिंधिया इस हफ्ते कर सकते है मुलाकात◾अमेरिका राष्ट्रपति की अहमदाबाद यात्रा से पहले AIMC ने जारी किये ‘नमस्ते ट्रंप’ वाले पोस्टर ◾इस साल राज्यसभा में विपक्षी ताकत होगी कम ◾23 फरवरी से 23 मार्च तक उनका दल चलाएगा देशव्यापी अभियान - गोपाल राय◾पश्चिम बंगाल में निर्माणाधीन पुल का गर्डर ढहने से दो की मौत, सात जख्मी ◾कच्चे तेल पर कोरोना वायरस का असर, और घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम◾बाबूलाल मरांडी सोमवार को BJP होंगे शामिल, कई वरिष्ठ भाजपा नेता समारोह में हो सकते हैं उपस्थित◾लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा , ट्रक और वैन में टक्कर के बाद लगी आग , 7 लोग जिंदा जले◾वित्त मंत्रालय ने व्यापार पर कोरोना वायरस के असर के आकलन के लिये मंगलवार को बुलायी बैठक ◾कोरोना वायरस मामले को लेकर भारतीय राजदूत ने कहा - चीन की हरसंभव मदद करेगा भारत◾NIA को मिली बड़ी कामयाबी : सीमा पार कारोबार के जरिए आतंकवाद के वित्तपोषण के मिले सबूत◾दिल्ली CM शपथ ग्रहण समारोह दिखे कई ‘‘लिटिल केजरीवाल’’◾TOP 20 NEWS 16 February : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में समर्थकों ने कहा : देश की राजनीति में बदलाव का होना चाहिए◾PM मोदी ने काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखा कर रवाना, जानिये इस ट्रेन की खासियतें ◾PM मोदी ने वाराणसी में 'काशी एक रूप अनेक' कार्यक्रम का किया शुभारंभ◾

SC ने कश्मीरी पंडितों की हत्या की 215 घटनाओं की जांच की मांग संबंधी याचिका की खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीरी पंडितों की हत्या की 215 घटनाओं की जांच की मांग संबंधी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। रूट्स इन कश्मीर नामक संस्था ने 1989-90 में कश्मीरी पंडितों की हत्या की 215 घटनाओं की जांच की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने रूट्स इन कश्मीर संस्था की पुनर्विचार याचिका पर चैम्बर में सुनवाई के बाद इसे ़खारिज कर दिया। संस्था ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा था कि अगर 33 साल पुराने सिख विरोधी दंगा मामलों को फिर से खोलने और जांच का आदेश दिया जा सकता है तो 27 साल पुराने कश्मीरी पंडितों की हत्या के मामले में क्यों नहीं? शीर्ष अदालत ने इसी साल 24 जुलाई को रूट्स इन कश्मीर की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उसने 1989-90 में कश्मीरी पंडितों की हत्या की 215 घटनाओं की जांच की मांग की थी। उस समय तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि आप 27 साल से कहां थे। अब इतने सालों बाद इन मामलों में सबूत कैसे मिलेंगे? तब संस्था की तरफ से कहा गया था कि संस्था से जुड़ लोग अपनी जान बचा कर भागे थे, लंबे समय तक अपने आप को दोबारा खड़ करने के लिए संघर्ष करते रहे। न्यायालय ने, हालांकि, इस दलील को मानने से मना कर दिया था।