जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को आगाह किया कि अगर राज्य के विशेष दर्जे के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ हुई तो समूचे देश को इसके ‘गंभीर दुष्परिणाम’ भुगतने पड़ सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद 35ए की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 6 अगस्त को होने वाली है, जिससे पहले महबूबा मुफ्ती ने यह चेतावनी दी है।
बता दें कि संविधान का अनुच्छेद 35ए राज्य के निवासियों को विशेष अधिकार एवं सुविधा प्रदान करता है। महबूबा मुफ्ती ने कहा, ”राज्य में आज लोग राजनीतिक मतभेद भुलाकर अनुच्छेद 35ए को कमजोर करने के खिलाफ एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। जैसा कि मैं पहले भी कह चुकी हूं कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से किसी तरह की छेड़छाड़ समूचे देश के लिये भयंकर दुष्परिणाम लाने वाली होगी।”
वर्ष 1954 के राष्ट्रपति के आदेश द्वारा संविधान में शामिल अनुच्छेद 35ए में राज्य से बाहर के व्यक्ति से विवाह करने वाली महिला को संपत्ति के अधिकार से वंचित किया गया है। अलगाववादियों ने इस मुद्दे पर 5-6 अगस्त को दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है।


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