दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को कश्मीरी व्यापारी जाहूर वताली को जमानत दे दी। वताली को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लश्कर ए तैयबा प्रमुख और 26/11 मुंबई आतंकी हमले के षड्यंत्रकर्ता हाफिज सईद से जुड़े आतंकवाद को धन मुहैया कराने के मामले में कथित भूमिका को लेकर गिरफ्तार किया था।

न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने निचली अदालत के आठ जून के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें वताली की जमानत नामंजूर की गई थी। पीठ ने निर्देश दिया कि व्यापारी को दो लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदार देने पर जमानत दे दी जाए।

वताली को अभियोजन के गवाहों को प्रभावित नहीं करने, धमकी नहीं देने या इस मामले में साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने का निर्देश दिया गया। उन्हें एनआईए ने पिछले साल 17 अगस्त को गिरफ्तार किया था। एनआईए ने वताली, सईद, हिज्बुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और अन्य पर ‘‘सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने’’ तथा कश्मीर घाटी में संकट पैदा करने का आरोप लगाया था।

पीठ ने जाहूर वताली को गुरुवार को निचली अदालत के सामने अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया और कहा कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बिना विदेश यात्रा पर नहीं जाएं। उच्च न्यायालय ने कहा, “अगर इन शर्तों में से किसी का उल्लंघन हुआ तो एनआईए जमानत रद्द करवाने के लिए निचली अदालत में आवेदन दे सकती है।”

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एनआईए ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया कि यहां पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी जम्मू कश्मीर में वताली के जरिये अलगाववादियों को धन मुहैया करा रहे थे। जमानत याचिका का विरोध करते हुए एनआईए ने कहा कि जाहूर वताली इस बारे में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाए कि उन्हें प्राप्त धन का स्रोत क्या है।

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें जमानत पर रिहा किया गया तो वह जांच को प्रभावित कर सकते है और न्याय से भाग सकते है। अपने आवेदन में वताली ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत आरोपपत्र में उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बना है। उनके वकील ने कहा कि इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दायर किया गया है।

आरोप है कि सईद अलगाववादियों तथा घाटी में पथराव में सक्रिय रूप से लिप्त कुछ अन्य लोगों को धन पहुंचाने के लिए वताली की सेवाएं ले रहा था। एनआईए ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों सईद, सलाहुद्दीन तथा 10 अन्य पर आपराधिक साजिश, देशद्रोह तथा यूएपीए के प्रावधानों के तहत आरोप लगाया है।