BREAKING NEWS

TET परीक्षा : सरकार अभ्यर्थियों के साथ-योगी, विपक्ष ने लगाया युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप◾संसद में स्वस्थ चर्चा चाहती है सरकार, बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों को हरी झंडी दिखाई गई: राजनाथ सिंह ◾त्रिपुरा के लोगों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे सुशासन की राजनीति को तरजीह देते हैं : PM मोदी◾कांग्रेस ने हमेशा लोगों के मुद्दों की लड़ाई लड़ी, BJP ब्रिटिश शासकों की तरह जनता को बांट रही है: भूपेश बघेल ◾आजादी के 75 वर्ष बाद भी खत्म नहीं हुआ जातिवाद, ऑनर किलिंग पर बोला SC- यह सही समय है ◾त्रिपुरा नगर निकाय चुनाव में BJP का दमदार प्रदर्शन, TMC और CPI का नहीं खुला खाता ◾केन्द्र सरकार की नीतियों से राज्यों का वित्तीय प्रबंधन गड़बढ़ा रहा है, महंगाई बढ़ी है : अशोक गहलोत◾NFHS के सर्वे से खुलासा, 30 फीसदी से अधिक महिलाओं ने पति के हाथों पत्नी की पिटाई को उचित ठहराया◾कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर सरकार सख्त, केंद्र ने लिखा राज्यों को पत्र, जानें क्या है नई सावधानियां ◾AIIMS चीफ गुलेरिया बोले- 'ओमिक्रोन' के स्पाइक प्रोटीन में अधिक परिवर्तन, वैक्सीन की प्रभावशीलता हो सकती है कम◾मन की बात में बोले मोदी -मेरे लिए प्रधानमंत्री पद सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए है ◾केजरीवाल ने PM मोदी को लिखा पत्र, कोरोना के नए स्वरूप से प्रभावित देशों से उड़ानों पर रोक लगाने का किया आग्रह◾शीतकालीन सत्र को लेकर मायावती की केंद्र को नसीहत- सदन को विश्वास में लेकर काम करे सरकार तो बेहतर होगा ◾संजय सिंह ने सरकार पर लगाया बोलने नहीं देने का आरोप, सर्वदलीय बैठक से किया वॉकआउट◾TMC के दावे खोखले, चुनाव परिणामों ने बता दिया कि त्रिपुरा के लोगों को BJP पर भरोसा है: दिलीप घोष◾'मन की बात' में प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स के महत्व पर दिया जोर, कहा- भारत की विकास गाथा के लिए है 'टर्निग पॉइंट' ◾शीतकालीन सत्र से पूर्व विपक्ष में आई दरार, कल होने वाली कांग्रेस नेता खड़गे की बैठक से TMC ने बनाई दूरियां ◾उद्धव ठाकरे की सरकार के दो साल के कार्यकाल में विपक्ष पूरी तरह से दिशाहीन रहा : संजय राउत◾कांग्रेस Vs कांग्रेस : अधीर रंजन चौधरी के वार पर मनीष तिवारी का पलटवार◾कल से शुरू हो रहा है संसद का शीतकालीन सत्र, पेश होंगे ये 30 विधेयक◾

J&K में परिसीमन की कवायद का मकसद विधानसभा में सभी वर्गों और क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व देना - जितेंद्र सिंह

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की कवायद का मकसद विधानसभा में सभी वर्गों और क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व देना है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का मामला अन्य राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों से कुछ अलग है, इस मायने में कि सीटों की संख्या में विसंगति मौजूद है जिसे वर्षों से ठीक नहीं किया गया था।

उन्होंने कहा कि अतीत में ज्यादातर गैर-भाजपा सरकारों में सत्तारूढ़ दलों ने अपने चुनावी लाभ के लिए जानबूझकर परिसीमन प्रक्रिया में देरी करने का प्रयास किया।

सिंह ने' कहा, 'इसलिए विधानसभा में सभी वर्गों और सभी क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करने के मकसद से परिसीमन की कवायद की जा रही है।'

कुछ राजनीतिक हलकों में यह मांग उठ रही है कि परिसीमन प्रक्रिया से पहले विधानसभा चुनाव होना चाहिए, इस पर उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को चुनाव की तारीख तय करनी है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री सिंह ने कहा, ' भाजपा चौबीस घंटे, सातों दिन सक्रिया रहने वाली पार्टी है और हम किसी भी स्तर पर किसी भी चुनाव के लिए हमेशा तैयार हैं, चाहे वह संसदीय चुनाव हो, विधानसभा चुनाव या स्थानीय निकाय चुनाव हो।'

मंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर यह अफवाह फैलाने का आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सीटों की संख्या बढ़ाने और चुनावी लाभ हासिल करने के लिये परिसीमन आयोग को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप उनकी मानसिकता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा, 'इस तरह के आरोप उनके मन:स्थिति और उस मानसिकता का प्रतिबिंब हैं जिसके साथ उन्होंने छह दशकों से अधिक समय तक देश पर शासन किया। उन्हें चुनाव आयोग और सीबीआई जैसे संवैधानिक निकायों के कामकाज में हस्तक्षेप करते पाया जा चुका है।'

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य सिंह ने कहा कि परिसीमन आयोग एक स्वतंत्र निकाय है जो अपने कामकाज में कुछ मानदंडों और मापदंडों का पालन करता है।

उन्होंने कहा, 'इसलिए इस तरह का आरोप लगाना न केवल अनुचित है, बल्कि ऐसा कहना भी अनुचित है।'

सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इन निकायों की स्वतंत्रता का सर्वोच्च सम्मान करती है और कभी भी उनके कार्य क्षेत्र में हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं करती है।

गौरतलब है कि परिसीमन आयोग राजनीतिक दलों, उनके नेताओं और सरकारी अधिकारियों के साथ बातचीत करने के लिए छह से नौ जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के चार दिवसीय दौरे पर होगा, ताकि चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से निर्धारित करने की जारी प्रक्रिया पर प्रत्यक्ष रूप से जानकारी प्राप्त की जा सके।