मुंबई : शिवसेना ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में जम्मू कश्मीर में हालात बिगड़ गये हैं और केंद्र की भाजपा नीत सरकार ने 2014 के चुनाव में मिले बड़े जनादेश का सम्मान नहीं रखा। शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में लिखा कि मोदी अपने 56 इंच के सीने के बारे में बात करते हैं, लेकिन उनके शासनकाल में पिछली सरकारों की तुलना में सेना के अधिक जवानों ने आतंकवाद प्रभावित राज्य में खून बहाया है। उसने कहा कि 2014 में जबरदस्त बहुमत मिलने के बाद भी भाजपा ने चुनाव से पूर्व किये गये वादों को पूरा नहीं किया है और अब उसके नेता 2019 के लोकसभा चुनावों में और भी बड़ी जीत की बात कर रहे हैं।

शिवसेना ने कहा, ‘‘भाजपा नेता रामलीला मैदान में भाषण दे रहे थे और मजबूत जनादेश के साथ आगामी लोकसभा चुनाव में दूसरे कार्यकाल के लिए जद्दोजहद कर रहे थे। 2014 में मिले जनादेश का क्या हुआ? क्या ये खोखला था।’’ भाजपा की राष्ट्रीय परिषद का दो दिवसीय अधिवेशन पिछले सप्ताह नयी दिल्ली के रामलीला मैदान में हुआ जहां पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनावों की शुरूआत की। केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा नीत सरकारों की सहयोगी शिवसेना ने कहा, ‘‘ऐसे बयान 2014 में मिले जनादेश का अपमान हैं।’’ उसने कहा, ‘‘राम मंदिर निर्माण, भ्रष्टाचार और महंगाई से लड़ाई, रोजगार निर्माण कुछ प्रमुख बिंदु थे जिन पर 2014 के आम चुनावों का अभियान आधारित था।’’ इसमें लिखा गया, ‘‘जम्मू कश्मीर में आतंकवाद से निपटने के बड़े बड़े वादों के साथ 56 इंच को लेकर छाती पीटी गयी। लेकिन हम वहां अपने जवान खोते रहे।’’ शिवसेना ने कहा कि जम्मू कश्मीर के हालात पिछले साढ़े चार साल में और बिगड़ गये हैं।