BREAKING NEWS

सभी रीति रिवाज के साथ तेजस्वी यादव ने रचाई शादी,जानें कौन-कौन हुआ शामिल◾किसानों की मांगें पूरी और आंदोलन वापस, सत्य की इस जीत में हम शहीद अन्नदाताओं को भी याद करते हैं : कांग्रेस◾पच्छिम बंगाल: कोलकाता HC से मिथुन चक्रवर्ती को मिली बड़ी राहत, जानें क्या है पूरा मामला◾ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की पत्नी कैरी ने बेटी को दिया जन्म◾किसान आंदोलन की समाप्ति पर बालियान ने जताई खुशी, कहा- चुनावों के लिए नहीं किसानों के लिए बदला फैसला ◾मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र पर लगाया आरोप- हमें CDS रावत को श्रद्धांजलि अर्पित करने का समय नहीं दिया गया◾केंद्र ने मानी हार, किसान आंदोलन की समाप्ति का हुआ ऐलान, 11 दिसंबर से अन्नदाताओं की होगी घर वापसी ◾केंद्र से किसानों को मिला लिखित दस्तावेज, सिंघु बॉर्डर से हटने लगे टेंट◾लालू के लाल आज होंगे घोड़ी पर सवार, तेजस्वी यादव के सिर पर सजेगा सेहरा, दिल्ली में होगी शादी ◾संविधान सभा की पहली बैठक के 75 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से किया ये आग्रह ◾लोकसभा में विपक्ष ने उठाया नगालैंड जा रहे कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने का मुद्दा, सरकार पर लगाया ये आरोप ◾दोनों सदनों ने दी CDS रावत को श्रद्धांजलि, साथ ही की देश की सुरक्षा में उनके अहम योगदाम की सराहना ◾दिल्ली : रोहिणी कोर्ट के रूम नंबर 102 में ब्लास्ट, जांच में जुटी पुलिस ◾CDS बिपिन रावत को विपक्ष की श्रंद्धाजलि, निलंबन के खिलाफ आज नहीं होगा धरना प्रदर्शन◾महाराष्ट्र: जन्मदिन पर मिला बड़ा तोहफा, ओमिक्रॉन का पहला मरीज हुआ निगेटिव, अस्पताल से मिली छुट्टी ◾आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर तभी विचार होगा जब सरकार की तरफ से लिखित में कुछ आएगा : टिकैत◾कुन्नूर हादसा : रक्षा मंत्री ने दोनों सदनों में दिया घटना का ब्यौरा, कहा-तीनों सेना का एक दल कर रहा है जांच ◾Helicopter Crash: हादसे से कुछ सेकेंड पहले का Video, घने कोहरे के बीच दिखाई दिया Mi-17 हेलीकॉप्टर◾हेलीकॉप्टर क्रैश के सर्वाइवर वरुण सिंह की हालत गंभीर, डॉक्टरों ने नहीं दिया आश्वासन, अगले 48 घंटे नाजुक ◾देश में 24 घंटे के दौरान कोरोना के केस में बढ़ोतरी,इतने नए लोगों में हुई संक्रमण की पुष्टि ◾

हिंसा कभी भी ‘कश्मीरियत’ का हिस्सा नहीं थी, लेकिन यह रोजमर्रा की हकीकत बन गई : रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान कश्मीर विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।  उन्होंने कहा कि कहा, ‘‘ मेरा अटूट विश्वास है कि लोकतंत्र में मतभेदों को दूर करने, नागरिकों की सर्वोत्तम क्षमता को सामने लाने की ताकत है। और कश्मीर खुशी खुशी इस दृष्टिकोण को साकार कर रहा है।’’

जम्मू-कश्मीर के चार दिवसीय दौरे पर आए कोविंद ने कहा कि हिंसा कभी भी ‘कश्मीरियत’ का हिस्सा नहीं थी लेकिन यह रोजमर्रा की हकीकत बन गई। उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था कि शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की यह उत्कृष्ट परंपरा टूट गई और हिंसा, जो कि कभी कश्मीरियत का हिस्सा नहीं थी, वह रोजमर्रा की वास्तविकता बन गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हिंसा कश्मीरी संस्कृति से कोसों दूर थी और इसे केवल विचलन करार दिया जा सकता है जो कि अस्थायी है, बहुत हद तक एक वायरस की तरह जो कि शरीर पर हमला करता है और जिसे फिर मुक्त करने की जरूरत होती है। अब इस जमीन का खोया हुआ गौरव पुनः प्राप्त करने के लिए नई शुरुआत और दृढ़ प्रयास किए जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि कश्मीर विभिन्न संस्कृतियों का मिलन बिंदु रहा है।

कश्मीर की कवयित्रियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ मध्य युग में, वह लाल देड़ थीं, जिन्होंने विभिन्न आध्यात्मिक संस्कृतियों को साथ लाने का रास्ता दिखाया था। लल्लेश्वरी के कार्यों में आप देख सकते हैं कि कैसे कश्मीर सांप्रदायिक सद्भाव और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का रूप प्रदान करता है।’’ कोविंद ने कहा कि कश्मीर आए लगभग सभी धर्मों के लोगों ने यहां की अनूठी संस्कृति ‘कश्मीरियत’ को अपनाया और रुढ़िवाद त्यागकर अपने समुदाय के लोगों के बीच सहिष्णुता और आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इस अवसर पर कश्मीर के युवा वर्ग से अपील करता हूँ कि वे इसकी समृद्ध विरासत से सीख लें। उनके पास यह जानने की पूरी वजह है कि कश्मीर भारत के बाकी हिस्सों के लिए हमेशा ही आशा का पुंज रहा है। यहां के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रभाव की छाप पूरे भारत पर है।’’

असम-मिजोरम हिंसा में लोगों के मारे जाने पर राहुल ने दुख जताया, कहा- अमित शाह ने देश को फिर निराश किया