बाढ एवं सूखा प्रभावितों के लिये 3661 करोड़ रुपये की मांग

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जयपुर , (वार्ता) : राजस्थान के आपदा प्रबन्धन एवं सहायता मंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने प्रदेश के छह जिलों में खरीफ की फसल में हुये नुकसान का जायजा लेने आये केंद्रीय अध्ययन दल से किसानों की मदद के लिये 3661 करोड रूपये की सहायता राशि दिलवाने का आग्रह किया है।

श्री कटारिया ने आज यहां अंतर मंत्रालयिक केंद्रीय अध्ययन दल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करते हुये यह आग्रह किया। यह दल प्रदेश के छह जिलों का दौरा करेगा। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में वर्ष 2016-17 में बाढ़, ओलावृष्टि एवं सूखा प्रभावित जिलों का तुरन्त दौरा करवाने के लिये अध्ययन दल भेते जाने पर आभार व्यक्त करते हुये बताया कि प्रदेश में प्रभावित 29 लाख किसानों की फसल खराबे व पशुधन, पेयजल, पशु शिविरों सहित अन्य नुकसान की गिरदावरी रिपोर्ट एवं वास्तविक धरातल को आधार मानकर 33 प्रतिशत से 50 प्रतिशत खराबे वाले फसलों के किसानों की पहले आर्थिक दशा को देखते हुये राज्य सरकार ने तुरन्त मदद की। उन्होंने दल के सदस्यों को बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में लोगों की पानी व पशुधन की पहली प्राथमिकता को देखते हुए तत्काल मदद के लिये ठोस कदम उठाये।

कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 में अच्छी बरसात होने के कारण 164 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई परन्तु अधिक वर्षा व ओलावृष्टि के कारण प्रदेश में कृषि व पशुधन को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने कैटल कैम्प व गोशालाओं को अनुदान दिया फिर भी राजस्थान का किसान विपदा से हमेशा चिन्तित रहता है।

बैठक में मुख्य सचिव ओ.पी. मीना ने प्रदेश के किसानों को सहायता उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित किसान परिवारों को समय पर राहत दिलवाना आज बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय अध्ययन दल को भ्रमण के दौरान जिला कलक्टरों से मिलने एवं किसानों से चर्चा करने पर स्वत: ही वास्तविकता का अहसास हो जायेगा। बैठक में अन्तर मंत्रालयिक केन्द्रीय अध्ययन दल के टीम लीडर सुमन्ता चौधुरी प्रबन्ध निदेशक ने विश्वास दिलाया कि दल के सदस्य जिलों का भ्रमण कर जिला कलक्टर व किसानों से बातचीत कर गिरदावरी की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में बाढ़, ओलावृष्टि व पशुधन के हुए नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त केन्द्रीय मदद दिलवाने का प्रयास किया जायेगा।

इस अवसर पर आपदा प्रबन्धन के सहायता विभाग के सचिव रोहित कुमार ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से राज्य में बाढ़ एवं सूखे से हुए नुकसान के कारण मदवार राशि की आवश्यकता एवं मांग का विवरण प्रस्तुत करते हुए केन्द, सरकार से 378 करोड़ की बकाया राशि, 13 करोड़ रुपए की किसानों को दी जा रही मदद के शॉर्ट टर्म से मिड टर्म लोन में परिवर्तन के कारण पड़ रहे अतिरिक्त भार पर, 556 करोड़ देयता के पेटे इस प्रकार कुल 3 हजार 661 करोड़ रुपए की मांग की। बैठक में पशुपालन एवं मत्स्य सचिव कुंजीलाल मीणा सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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