बिजली कर्मचारियों ने फूंका निजीकरण का पुतला

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अजमेर,(विनीत लोहिया) : अजमेर शहर की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में देने के राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले बिजली कर्मचारियों ने गुरुवार को जिलाधीश कार्यालय के बाहर निजीकरण का पुतला फूंका। भारतीय मजदूर संघ के जिलामंत्री विनीत जैन के अनुसार शहर की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में देने के निर्णय के विरूद्ध सुबह निजीकरण की शव यात्रा निकाली गई।  यह शवयात्रा हाथीभाटा पावर हाउस स्थित कार्यालय से अग्रसेन सर्किल, जिला परिषद, अंबेडकर सर्किल, रोडवेज कार्यालय होते हुए जिलाधीश कार्यालय के बाहर पहुंची जहां कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निजीकरण का पुतला फूंका। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए राजस्थान राज्य विद्युत श्रमिक महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल माथुर ने कहा कि अधिकांश घाटे का कारण निगम के बड़े अधिकारी है जिन्होंने बार-बार सुधार की योजना के माध्यम से करोड़ों रुपए खुर्दबुर्द कर दिए। उन्होंने कहा कि अजमेर की बिजली व्यवस्था का निजीकरण किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष भोलानाथ आचार्य ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सभी मजदूर यूनियने एवं कार्यकर्ता संघर्ष के लिए तैयार रहें।  जिलामंत्री विनीत जैन ने कहा कि पूरे राज्य में बिजली कंपनियों में निजीकरण को लेकर एवं विद्युत विभाग में सातवां वेतन आयोग लागू करने, तकनीकी हेल्परों को 2400 रुपए ग्रेड दिए जाने एवं अन्य मांगों को लेकर पूर्व में भी मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग अध्यक्ष सहित डिस्कॉम प्रबंध निदेशक को ज्ञापन दिए जा चुके है लेकिन आज तक इस संबंध में किसी ने भी कोई कार्यवाही नहीं की है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय का भारतीय मजदूर संघ कड़ा विरोध करती है तथा चेतावनी भी दी जाती है कि शहर की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में देने के निर्णय को वापस ले।

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