स्कूली बच्चों को अगवा की कोशिश, दहशत का माहौल

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अजमेर, (रहमान खान),(पंजाब केसरी) : महिला और पुरुष गिरोह ने गुरुवार सुबह द्रोपदी देवी सांवरमल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की एक बालिका और बालक को अगवा कर ले जाने की कोशिश की। दो दिन से लगातार हो रही इस तरह की वारदात से स्कूली बच्चों, उनके अभिावकों व स्कूलों में दहशत का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने स्कूलों के आस-पास सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त कर गिरोह की तलाश में जुट गई। नया बाजार स्थित लोढ़ा की हवेली में संचालित द्रोपदी देवी सांवरमल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में चौथी कक्षा की छात्रा रखिता चरनाल हृदय रोग से पीडि़त गुरुवार सुबह करीब आठ बजे वह स्कूल जा रही थी। तभी दरगाह बाजार में पहले से मौजूद गिरोह की एक महिला ने उसे बहला फुसला कर अगवा करने की कोशिश की। महिला के इरादे भांप कर बालिका ने मौके से दौड़ लगाई और सीधी स्कूल पहुंच कर प्राचार्य रंजना अग्रवाल को आप बीती सुनाई। उसी दौरान कक्षा तीन का छात्र प्रिंस साहू भी प्राचार्य के पास पहुंचा। उसने प्राचार्य को बताया कि स्कूल के बाहर खड़ी एक महिला उसे मुख्यद्वार से घसीट कर मेहरुन रंग की वैन में जबरदस्ती बैठाने लगे।

लेकिन प्रिंस ने महिला के हाथ दांत गढ़ा कर उसके चंगुल से खुदको आजाद कराया। दोनों बच्चों की आपबीती सुनकर प्राचार्य रंजना अग्रवाल ने सदर कोतवाली थाना प्रभारी बी.एल.मीणा और बच्चों के अभिभावकों को मौके पर बुलवा लिया। प्राचार्य का कहना है कि अगवा होने के डर से हृदय रोग से पीडि़त छात्रा चरनाल और प्रिंस की हालत बिगड़ गई। उन्हें बड़ी मुश्किल से होश में लाया गया। स्कूल की अध्यापिका और उनके अभिभावक दोनों बच्चों को सदर कोतवाली थाना लेकर पहुंचे, जहां गिरोह के खिलाफ शिकायत दी गई।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, अभिभावक पाबंद : प्राचार्य रंजना ने बताया कि सुबह के समय बाजारों में दुकानें बंद रहते सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। ऐसे में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरे की संभावना बनी रहती है। प्राचार्य की मांग पर सदर कोतवाली थाना प्रभारी ने स्कूली समय में सिग्मा और चेतक टीम को निगरानी के आदेश दिए हैं। वहीं बच्चों को अकेला स्कूल नहीं भेजे इसके लिए अभिभावकों को लिखित में पाबंद कर दिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई फोटो :  प्राचार्य रंजना ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए गिरोह के फोटो देख प्रिंस और चरनाल ने पहचान कर ली। इससे शक यकीन में बदल गया। प्राचार्य रंजना का कहना है कि फॉयसागर रोड स्थित एक निजी स्कूल से भी 15 फरवरी को नाबालिग छात्र को अगवा करने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद ही प्राचार्य के मोबाइल पर गिरोह के फोटो भेजे गए। जिसे गंभीरता से लिया गया।

काम आई नसीहत : प्राचार्य रंजना ने मीडिया को बताया कि एक दिन पहले दी गई नसीहत स्कूली बच्चों के काम आई और अपहरणकर्ता  उन्हें उठा ले जाने में नाकाम रहे। प्राचार्य रंजना का कहना है कि 15 फरवरी को भी गिरोह का फोटो देख और मैसेज पढ़कर स्कूली बच्चे और अभिभावकों की मीटिंग ली गई, जिसमें यह नसीहत की गई थी कि यदि उन्हें कोई अनजान महिला या पुरुष बहला-फुसला कर ले जाने की कोशिश करे तो हाथ पर दांत गढ़ा कर सुरक्षा की जा सकती है।  स्कूल प्रशासन ने यह नसीहत ही नहीं दी बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए महिला और पुरुषों की फोटोकॉपी स्कूल के मुख्य द्वार पर चस्पा भी कर दी।

इनका कहना है : स्कूली बच्चों ने जो वारदात होना  बताई उस आधार पर इलाको में जाकर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। उस फुटेज में न तो बताई गई कार, वैन नजर नहीं आई। अपहरण करने में दो महिलाएं और दो पुरुष बताए गए वे भी दिखाई नहीं दिए, लेकिन बच्चों के परिजन की ओर से जो रिपोर्ट दी गई है,उसकी गहनता से जांच कर रहे हैं। अगवा किए जाने की जानकारी सामने आने पर स्कूलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
– बी.एल.मीणा, सरदर कोतवाली थाना प्रभारी।

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