नारों पर भड़के यूआईटी चेयरमैन

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कोटा, (कासं) : यूआईटी चेयरमैन राम कुमार मेहता निरस्त भूखण्ड को बहाल करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों द्वारा मुर्दाबाद के नारे लगाने पर भड़क उठे। मेहता ने निरस्त भूखण्डों को पुन: बहाली के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलने की बात कहते हुए इस मामले से अपना पल्ला झाड लिया।नगर विकास न्यास के आगे 32 समाज के लोगों द्वारा भूखण्ड बहाली की मांग को लेकर धरने पर बैठे समाज के लोगों ने गुरुवार को यूआईटी चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान यूआईटी चेयरमैन ने ज्ञापन देने पहुंचे लोगों से व्यक्ति विशेष मुर्दाबाद के नारों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मेरी किसी से व्यक्ति विशेष से दुश्मनी नहीं, मुख्यमंत्री के कोटा दौरे के दौरान इस मामले में आधे घंटे चर्चा कर सारी बात सीएम के सामने रखी थी।

नारे भी लगेंगे, अर्थियां भी निकलेगी : यूआईटी चेयरमैन के नाम से मुर्दाबाद के नारे लगाने के मामले में ज्ञापन देने पहुंचे 32 समाज के लोगों ने मेहता को चेताते हुए कहा कि आप प्रशासनिक अधिकारी है, आप अच्छा काम करोंगे तो जिन्दाबाद के नारे लगेंगे, नहीं तो मुर्दाबाद के नारे भी लगेंगे और सड़को पर अर्थी निकाल कर पुतले भी जलाए जाएंगे। भूखण्ड बहाली के मामले में यूआईटी चेयरमैन ने बताया कि 46 समाजों को आवंटित भूखण्ड में 32 समाज के भूखण्ड कोटा के है ऐसे में कई समाजों द्वारा भूखण्ड की राशि तक जमा नहीं की। यह मामला हमारे क्षेत्र के बाहर का है यह राज्य सरकार के केबिनेट का मामला है उनके सामने हमने मामला रखा है जिस पर मुख्यमंत्री ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी, शीघ्र ही इस मामले में कोई निर्णय निकल सकता है।

भाजपा का 32 समाज ने छोड़ा साथ
ज्ञापने देने पहुंचे 32 समाज के लोगों ने नगर विकास न्यास चेयरमैन को चेताते हुए कहा कि हम शुरू से भाजपा के पक्ष में रहे है। पूर्व सरकार के दौरान कोटा के मंत्री शांति धारीवाल ने 32 समाजों को छात्रावास के लिए सरकार से भुखण्ड आवंटित किए थे किन्तु भाजपा सरकार ने भूखण्ड निरस्त कर 36 समाजों को साथ लेकर चलने वाली राज्य सरकार के अब मात्र 2 ही समाज साथ है, बाकि के 32 समाज भाजपा के विपक्ष में है ऐसे में यदि भूखण्ड बहाली की मांग को नहीं माना गया तो इसका भुगतान आने वाले चूनावों में सरकार को उठाना पड़ेगा।

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