कृषि क्षेत्र में बदलाव को लेकर निर्णायक बैठक

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नई दिल्ली : किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने के उद्देश्य से कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने पर विचार करने के लिए राज्यों के कृषि मंत्रियों और विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक सोमवार को होगी जिसमें बाजार से बिचौलियों को समाप्त करने, बटाईदारी कानून में सुधार, ठेका खेती को बढ़ावा देने के लिए सुगम रास्ता निकालने तथा कृषि से जुड़े क्षेत्रों के संबंध में ठोस निर्णय लिये जायेंगे।

नीति आयोग इन मुद्दों पर कृषि से जुड़े विभिन्न पक्षों के साथ हाल के दिनों में लम्बी चर्चा की है। किसानों को उनके उत्पादों का लाभकारी मूल्य मिले एवं कृषि उत्पाद विपणन समिति अधिनियम में किस प्रकार के बदलाव किये जाएं जिससे बिचौलियों को बाहर किया जा सके जैसे मुद्दों पर एक राय कायम की है। सरकार का मानना है कि किसान अपनी जमीन पर पेड़ लगाकर भी आय में अच्छी वृद्धि कर सकते हैं लेकिन पेड़ों की कटाई और परिवहन को लेकर कुछ समस्या है जिसे वह दूर करना चाहती है।

कृषि मंत्रालय के सूत्रों ने आज यहां बताया कि कृषि क्षेत्र में होने वाले बदलाव से पहले नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सुधार योजनाओं को लेकर अपनी प्रस्तुति देंगे। इसमें कृषि मंडी में बदलाव, ठेका पर खेती एवं बटाईदारी कानूनों में सुधार जैसे मुद्दों पर विस्तार से प्रकाश डाला जायेगा।

श्री चंद ने पिछले 12 अप्रैल को इन मुद्दों पर समीक्षा बैठक की थी जिसमें कृषि सचिव एस के पटनायक, राज्यों के कृषि, वन एवं पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया था।

सूत्रों के अनुसार कृषि मंत्रालय ने नीति आयोग के साथ विचार-विमर्श कर कृषि उत्पाद विपणन कानून में नौ बदलाव की पहचान की है जिनमें तीन अनिवार्य हैं । इनमें ई व्यापार को बढ़ावा देना , एकीकृत व्यापार लाइसेंस और एक स्थान पर कर भुगतान शामिल हैं । इसके अलावा निजी क्षेत्र में बाजार की स्थापना भी शामिल है । इनका उद्देश्य किसान और व्यापारी के बीच से बिचौलियों को हटाना है ।

सरकार का मानना है कि कृषि वानिकी के माध्यम से भी किसान अपनी आय में भारी वृद्धि कर सकते हैं । इसलिये राज्यों को सलाह दी गयी है कि किसानों के अपनी जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई और उसके परिवहन से संबंधित नियमों में छूट
दें जिससे कृषि वानिकी को बढ़ावा मिलेगा ।

बैठक में नये माडल कृषि उत्पाद विपणन समिति अधिनियम के मसौदे पर भी चर्चा की जायेगी । ठेका पर खेती के मसौदे को भी तैयार किया गया है और राज्यों से इस पर उनकी राय मांगी गयी है । सरकार ई नाम योजना की सफलता से गदगद है । इस योजना के तहत 13 राज्यों के 417 बाजार इस योजना से जुड़ गये हैं और मार्च 2018 तक 585 बाजारों को इसके तहत लाने का लक्ष्य हैं । इस योजना के तहत 39.75 लाख किसान पंजीकृत किये गये हैं तथा 15009 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया है । बैठक में इस पर व्यापक रूप से चर्चा की जायेगी ।

– वार्ता

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