मणिपुर में आर्थिक नाकेबंदी समाप्त

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इंफाल : मणिपुर में यूनाइटेड नागा कौंसिल (यूएनसी) की ओर से पिछले साढ़े चार माह से जारी आर्थिक नाकेबंदी को कल मध्य रात्रि से हटा लिया गया है। नाकेबंदी समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी संख्या में जरूरी वस्तुओं से लदे वाहनों को इंफाल की ओर रवाना किया गया। इस बीच राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने सरकार की ओर से नाकेबंदी को हटाने के प्रयास की सराहना की है। मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने कहा कि उन्होंने शपथ लेने के 24 घंटे के अंदर आर्थिक नाकेबंदी हटाने संबंधी अपने वादे को पूरा किया है। इस संबंध में कल सेनापती जिले में एक समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे।

समझौते के अनुसार गत 25 नवंबर को गिरफ्तार किये गये यूएनसी के नेता गैदोन कमाई और स्टीफन लेमकांग को बिना शर्त रिहा किया जायेगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में सेनापति जिले में केन्द्र सरकार, मणिपुर सरकार और यूएनसी के बीच त्रिपक्षीय बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया। यह आर्थिक नाकेबंदी राज्य में कुछ नए जिले बनाए जाने के विरोध में की गई थी और बातचीत की प्रकिया के जरिए इसे सुलझाने का प्रयास किया गया जो सफल रहा है।

समझौते पर मणिपुर सरकार के अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव डा. सुरेश बाबू, यूएनसी के महासचिव एस मिलान, के राजकुमार, आयुक्त, कार्य, मणिपुर में आल नागा स्टूडेेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष के राधाकुमार, नागा महिला यूनियन की अध्यक्ष एल एम थबिथा और केन्द्रीय गृह मंत्रालय,पूर्वोत्तर के संयुक्त सचिव सत्येन्द्र गर्ग ने हस्ताक्षर किये।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष एक नवंबर से यूएनसी की ओर से आयोजित आर्थिक नाकेबंदी के बाद से गत 31 अक्टूबर की मध्य रात्रि से ही राजमार्ग को बंद कर दिया गया था जिससे यहां लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में यूएनसी ने नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) को समर्थन देने का एलान किया था और यह फ्रंट नई सरकार को समर्थन दे रहा है। एनएलएफ के एक विधायक को बिरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

(वार्ता)

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