नर्सरी एडमिशन, हाईकोर्ट ने दाखिला प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी

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नई दिल्ली,(पंजाब केसरी): हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 298 गैर सहायता प्राप्त स्कूलों को नर्सरी दाखिला प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की स्वीकृति दी है। हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि यह आप सरकार की याचिका के निपटान पर अंतिम रूप से निर्भर करेगा। मुख्य न्यायमूर्ति जी रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ आप सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आप सरकार ने एकल जज के फैसले को चुनौती दी है।

जज ने अपने अंतरिम आदेश में आप सरकार की नई नीति नेबरहूड क्राइटेरिया पर रोक लगा दी थी। खंडपीठ ने कहा था कि यह पूरा मामला याचिका के अंतिम निपटान पर निर्भर करेगा। अदालत ने कहा कि यह सच है कि दाखिला प्रक्रिया पहले से ही जारी है ऐसे में यह उचित नहीं होगा कि इसपर रोक लगाई जाए। पीठ ने कहा कि हम मुद्दे की जांच करेंगे। इस बीच याचिका की कॉपी प्रतिवादियों को दी गई। वहीं अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 22 फरवरी तय कर दी। दिल्ली सरकार की याचिका पर अदालत ने स्कूलों के दो समूहों और अभिभावकों से भी जवाब मांगा है।

शिक्षा निदेशालय की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल(एएसजी)संजय जैन ने कहा कि नेबरहूड क्राइटेरिया के आभाव में स्कूल मनमाने ढंग और अपारदर्शी तरीके से दाखिल लेगे और अभिभावकों से उॅचे फीस को उचित करार देगें। साथ ही कहा कि एकल पीठ का फैसला बिल्कुल गलत और कानून के खिलाफ है। दिल्ली सरकार एकल पीठ के फैसले पर अनुपालन पर अंतरिम रोक चाहती है। 19 दिसंबर 2016 और सात जनवरी 2017 के सरकार के फैसले के तहत डीडीए की जमीन पर बने 298 निजी स्कूलों को नेबरहूड क्राइटेरिया का पालन करने का निर्देश दिए गए थे।

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