BREAKING NEWS

सीएए और एनआरसी के खिलाफ लखनऊ में महिलाओं का प्रदर्शन जारी◾NIA ने संभाली आतंकियों के साथ पकड़े गए DSP दविंदर सिंह मामले की जांच की जिम्मेदारी◾वकील इंदिरा जयसिंह की निर्भया की मां से अपील, बोलीं- सोनिया गांधी की तरह दोषियों को माफ कर दें◾ट्रंप ने ईरान के 'सुप्रीम लीडर' को दी संभल कर बात करने की नसीहत◾ राजधानी में छाया कोहरा, दिल्ली आने वाली 20 ट्रेनें 2 से 5 घंटे तक लेट◾निर्भया : घटना के दिन नाबालिग होने का दावा करते हुए पवन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट◾PM मोदी ने मंत्रियों से कहा, कश्मीर में विकास का संदेश फैलाएं और गांवों का दौरा करें ◾भाजपा ने अब तक 8 पूर्वांचलियों पर लगाया दांव◾यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि ने PM मोदी से भेंट की◾दिल्ली पुलिस आयुक्त को NSA के तहत मिला किसी को भी हिरासत में लेने का अधिकार◾न्यायालय से संपर्क करने से पहले राज्यपाल को सूचित करने की कोई जरूरत नहीं : येचुरी◾ममता ने एनपीआर,जनसंख्या पर केन्द्र की बैठक में नहीं लिया भाग◾सिंध में हिंदू समुदाय की लड़कियों के अपहरण को लेकर भारत ने पाक अधिकारी को किया तलब◾नड्डा का 20 जनवरी को निर्विरोध भाजपा अध्यक्ष चुना जाना तय◾हमें कश्मीर पर भारत के रुख को लेकर कोई शंका नहीं है : रूसी राजदूत◾IND vs AUS : भारत की दमदार वापसी, ऑस्ट्रेलिया को 36 रनों से हराया, सीरीज में बराबरी◾दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 48 और नामांकन दाखिल◾राउत को इंदिरा गांधी के बारे में टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी : पवार◾कश्मीर में शहीद सलारिया का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार, दो महीने की बेटी ने दी मुखाग्नि ◾बुलेट ट्रेन परियोजना के लिये भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के खिलाफ याचिकाओं पर न्यायालय करेगा सुनवाई ◾

छत्तीसगढ़ में 7 वर्ष पूर्व सारकेगुड़ मुठभेड़ में मारे गए 17 आदिवासी निर्दोष : जांच आयोग

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में लगभग सात वर्ष पूर्व सारकेगुड़ में सुरक्षा बलों के साथ कथित नक्सल मुठभेड़ की जांच के गठित आयोग ने इसमें मारे गए सभी 17 आदिवासियों को निर्दोष बताया है। गत 28-29 जून 2012 की रात्रि में हुई इस घटना की जांच के लिए तत्कालीन रमन सरकार द्वारा गठित उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति वी.के.अग्रवाल की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय जांच आयोग ने राज्य सरकार को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में कहा हैं कि सुरक्षा बलों ने नक्सली बताकर जिन आदिवासियों को मुठभेड़ में मार दिया,वह दरअसल एकतरफा हमला था।मारे गए आदिवासी बैठक कर रहे थे। मारे गए लोगो में नाबालिग बच्चे और महिलाएं भी शामिल थे। इसमें लगभग 10 लोग घायल भी हुए थे जबकि सुरक्षा बलों के छह जवानों के घायल होने का दावा किया गया था। 

आयोग की इस रिपोर्ट को कल विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है।आयोग ने जांच के दौरान दोनो पक्षों के 30 गवाहों के बयान को दर्ज किया था।उसने अपनी रिपोर्ट में इनका उल्लेख करते हुए कहा हैं कि इनके बयानों में सच्चाई को झूठ से अलग करना असंभव है,इसलिए घटना की परिस्थितियों पर ही भरोसा करना पड़गा।आयोग ने सुरक्षा बलों के दावो के विपरीत कहा कि ग्रामीण घने जंगलों में नही बल्कि खुले मैदान में बैठक कर रहे थे,जिस समय यह घटना घटित हुई।

 

आयोग ने आशंका जताई है कि सुरक्षा बलों ने मुखबिरों की सूचना बगैर उसकी पुष्टि किए अचानक मौके पर पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग की,जिसमें बेकसूर लोग मारे गए।आयोग ने रिपोर्ट में सुरक्षा बलों को बेहतर प्रशिक्षण, बुलेट प्रूफ जैकेट, नाइट विजन डिवाइस, ड्रोन आदि सामान उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है जिससे कि वे स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें और विषम परिस्थितियों में भी संतुलन नही खोएं और जल्दबाजी में कोई कदम नही उठाए।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने विधानसभा में रिपोर्ट रखे जाने से पहले ही इसके मीडिया मे लीक होने पर गंभीर सवाल उठाया हैं। उन्होने कहा कि इसे पहले विधानसभा में रखा जाना था,पर पहले ही लीक किया गया। यह विधानसभा की अवमानना है। इसे कल ही सदन में उठाया जायेंगा।