पटना : गुजरात के ऊर्जा मंत्री सौरभ भाई पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में सासंद श्रीमती पूनम बेन मदाम, विधायक अरविंद भाई पटेल, विधायक बल्लभ भाई काकडिया, विधायक पीयूष भाई देसाई, विधायक किशोर भाई चौहान सहित गुजरात सरकार के कई उच्च अधिकारी शामिल थे। मुलाकात के क्रम में ऊर्जा मंत्री सौरभ भाई पटेल ने गुजरात सरकार की ओर से मुख्यमंत्री को 31 अक्टूबर को सरदार पटेल जयंती के अवसर पर सरदार सरोवर डैम के निकट निर्मित ‘‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’’ के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के क्रम में बताया कि बिहार के लोगों का सरदार पटेल के प्रति असीम श्रद्धा है तथा सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर कम से कम 15 दिनों तक लगातार राज्य के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 अक्टूबर 2018 को पुलिस भवन का लोकार्पण किया गया। यहां पुलिस मुख्यालय के साथ-साथ आपदा प्रबंधन का भी काम होगा। आकस्मिक परिस्थितियों में चीजों को यहां से नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह भवन बेस आईसोलेशन तकनीक से निर्मित है। 9 रिक्टर पैमाने की भूकंप की तीव्रता में भी यह भवन सुरक्षित रहेगा। भवन के सबसे ऊपर में हेलिपैड का निर्माण कराया गया है ताकि आकस्मिक परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन के काम किए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इतनी उच्च तकनीक एवं गुणवत्ता का अपने किस्म का यह अनूठा भवन है और पूरे देश में इस प्रकार के पॉच ही भवन हैं और यह देश का छठा भवन है। बिहार के प्रथम भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित इस अनूठेे भवन का नाम सरदार पटेल भवन रखा गया है जो सरदार बल्लभ भाई पटेल के प्रति हमारा सम्मान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002 में गुजरात में आए भूकंप के दौरान हम केंद्र में कृषि मंत्री थे। सदन में सरकार का पक्ष इस संबंध में मुझे रखना था। भूकंप के विशेषज्ञों से इस संबंध में बहुत सारी बातों को जानने-समझने का मौका मिला था। विशेषज्ञों ने बताया था कि अगर इसी रिक्टर पैमाने का भूकंप पटना में आया तो 5 लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु होगी।

बिहार में वर्ष 2005 में कार्यभार संभालने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग को मजबूत बनाया गया, जिसकी हालत पहले काफी खराब थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक सामाजिक कुरीतियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक विकास का वास्तविक लाभ लोगों तक नहीं पहुॅच पायेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में शराबबंदी को लागू की गई। 21 जनवरी 2017 को 4 करोड़ लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर शराबबंदी के पक्ष में अपना समर्थन जताया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोगों का कहना था कि शराबबंदी के कारण राजस्व संग्रहण में काफी कमी होगी और पर्यटन पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। जब हमलोगों ने आकलन कराया तो पाया कि शराबबंदी के बाद एक वितीय वर्ष में एक हजार करोड़ रूपये की राजस्व संग्रहण में कमी हुयी थी लेकिन उसके बाद के वितीय वर्षों में राजस्व संग्रहण में कोई हानि नहीं हुयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बाद गरीब अपनी कमाई का सदुपयोग बेहतर जीवनशैली, खान-पान एवं बच्चों की पढ़ाई पर कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के बाद से महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों में कमी आयी है और उनका सम्मान भी बढ़ा है। महिलाओं एवं बच्चों में शराबबंदी को लेकर बेहद खुशी है। इससे सामाजिक वातावरण में काफी सकारात्मक बदलाव आया है। आपराधिक घटनाओं एवं सडक़ दुर्घटनाओं में शराबबंदी के कारण कमी आयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार में काफी प्रगति हुयी है। जब हम 2005 में सत्ता में आये थे, उस समय बिहार की बिजली उत्पादकता शून्य थी। राज्य में जहॉ 900 मेगावाट बिजली उपभोग हो रहा था, वर्तमान में यह बढक़र लगभग 5000 मेगावाट हो गया है। सरकार द्वारा इस वर्ष के अंत तक हर घर तक बिजली का कनेक्शन पहुॅचाने का लक्ष्य रखा गया है। ऊर्जा विभाग जिस तत्परता से काम रहा है, उम्मीद है कि दिसम्बर के पहले तक ही हर घर तक बिजली पहुॅचा दिया जायेगा। इस वर्ष के अप्रैल माह में हर टोले तक बिजली पहुॅचा दिया गया है। बाढ़ एवं कहलगॉव में एनटीपीसी द्वारा पावर सब स्टेशन का निर्माण कराया गया है।

राज्य सरकार ने बरौनी एवं मुजफ्फरपुर के कांटी के बंद पड़े थर्मल पावर सब स्टेशन एनटीपीसी को सौंपकर उसे चालू कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा थर्मल पावर स्टेशन के लिये पूर्व से अधिग्रहित कजरा एवं पीरपैंती में सोलर पावर स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों ने बातचीत के क्रम में सौर ऊर्जा को नकली ऊर्जा कहकर उसके जगह पर असली ऊर्जा की मॉग की थी यानि बिजली चाहिये। वास्तविकता यह है कि सौर ऊर्जा ही असली बिजली है क्योंकि सूर्य ही सभी ऊर्जा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल से कहा कि राज्य में छठ पर्व की काफी महत्ता है, जिसमें सूर्य देवता की उपासना की जाती है। यह प्रकृति पूजा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लोग देश के कोने-कोने में फैले हुये हैं तथा वहॉ के आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों द्वारा भी इस बात से सहमति जतायी गयी कि गुजरात के सभी बड़े शहरों में काफी संख्या में बिहार के कामगार वहॉ के विकास के स्तम्भ हैं। गुजरात के प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने भी प्रतिनिधिमंडल को 1 अणे मार्ग स्थित बोधिवृक्ष का दर्शन कराया तथा अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।