BREAKING NEWS

Tripura Elections: माकपा-तृणमूल को झटका, मोबोशर अली और सुबल भौमिक BJP में हुए शामिल ◾राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक का मामला गर्माया, CM गहलोत बोले- गृहमंत्री जांच करवाएं◾UP News: भाजपा सांसद रवींद्र कुशवाहा बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य को सपरिवार इस्लाम स्वीकार लेना चाहिए◾सौरभ भारद्वाज का आरोप- भाजपा असंवैधानिक तरीके से MCD पर चाहती है नियंत्रण◾दिल्ली पुलिस ने किया नौकरी धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार◾नीतीश कुमार बोले- लोकसभा चुनाव के लिए समान विचारधारा वाले दलों की बैठक की प्रतीक्षा◾पंजाब के लोगों को मिली 400 मोहल्ला क्लीनिक की सौगात, सीएम भगवंत मान और मुख्यमंत्री केजरीवाल ने किया उद्घाटन◾पाकिस्तान: फवाद चौधरी की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा ◾भारत ने लिया बड़ा फैसला, 'सिंधु जल संधि में संशोधन को लेकर पाकिस्तान को दिया नोटिस'◾झारखंड : रांची में 10 लाख का ईनामी 'तिलकेश्वर' नामक उग्रवादी गिरफ्तार, राइफल समेत कई हथियार बरामद ◾Unnao rape case: दिल्ली हाई कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की अंतरिम जमानत की अवधि घटाई◾उत्तराखंड : भू-धंसाव को लेकर एसीएस की अध्यक्षता में की जाएगी बैठक, पुनर्वास पर होगी चर्चा ◾हिमाचल में हवाई अड्डे के निर्माण पर माकपा पार्टी ने किया जोरदार विरोध,बड़ी संख्या में किसान होंगे प्रभावित◾नेपाल में दुर्घटनाग्रस्त हुए यती एयर लाइन्स के विमान के ब्लैक बॉक्स की सिंगापुर में होगी जांच◾PM मोदी के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की शिरकत ◾रामचरितमानस विवाद में स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ दिल्ली में FIR दर्ज करने की मांग ◾ऑनर किलिंग ! पिता और भाई ने मेडिकल छात्रा की गला दबाकर की हत्या, पांच आरोपी गिरफ़्तार◾LAC पर भारत और चीन की सेना के बीच एक बार फिर दिख सकती है तनातनी, इस रिपोर्ट में किया गया दावा ◾Pathan movie : कंगना रनौत बदलना चाहती है शाहरुख खान की पठान का नाम, कहा गूंजेगा तो सिर्फ 'जय श्री राम' ◾अडानी समूह पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कह दी बड़ी बात◾

आदित्य ठाकरे की शिंदे कैंप को चुनौती, बोले- बागी विधायकों को फिर से लड़ना चाहिए चुनाव

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित पार्टी के बागी विधायकों को नए सिरे से जनादेश लेने की चुनौती दी और कहा कि वह भी इस्तीफा देने और नए सिरे से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।उसी कार्यक्रम में पहले मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा था कि उद्धव ठाकरे को आत्मावलोकन करना चाहिए कि क्यों शिवसेना के 55 में से 40 विधायकों ने उनका साथ छोड़ दिया।

मैं भी अपनी सीट से इस्तीफा दूंगा और फिर से चुनाव लड़ूंगा : ठाकरे

आदित्य ठाकरे ने यहां इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में कहा, “मैं अपनी मांग दोहराता हूं कि 40 बागी विधायकों को इस्तीफा दे देना चाहिए और नए सिरे से जनादेश लेना चाहिए। मैं भी अपनी सीट से इस्तीफा दूंगा और फिर से चुनाव लड़ूंगा। लोगों को तय करने दें।”उन्होंने कहा, “अगर मैं उपमुख्यमंत्री (देवेंद्र फडणवीस) होता, तो मैं इस सरकार से बाहर निकल जाता और नए सिरे से चुनाव का आह्वान करता।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संविधान के आदर्शों, कानून के शासन और न्याय में विश्वास करती है।उन्होंने इस साल जून में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार को गिराने वाले शिंदे और अन्य लोगों के विद्रोह का जिक्र करते हुए कहा, “यदि दो-तिहाई विधायक विद्रोह करते हैं और विद्रोह को वैध कर दिया जाता है, तो देश में अशांति होगी।”आदित्य ने बृहन्मुंबई नगर निगम के चुनाव सहित निकाय चुनावों में ‘देरी’ करने के लिए राज्य सरकार की भी आलोचना की।उन्होंने कहा, “पिछले 25 वर्षों में, हमने घाटे वाले एक नगर निकाय (बीएमसी) को 80,000 करोड़ रुपये के अधिशेष वाले निकाय में बदल दिया है और पाई-पाई का हिसाब है।”

शिंदे समूह के विद्रोह के लिए किसे दोषी ठहराया जाना चाहिए, यह पूछे जाने पर ठाकरे ने कहा, “मैं और मेरे पिता (उद्धव ठाकरे) उन लोगों पर अंध विश्वास के लिए दोष लेते हैं जिन्हें हम अपना समझते थे। हमने गंदी राजनीति नहीं की।”उन्होंने कहा कि शिंदे गुट ने चुनाव आयोग में याचिका दायर कर केवल शिवसेना को नुकसान पहुंचाने के इरादे से ‘धनुष और तीर' चुनाव चिन्ह मांगा है। उन्होंने कहा कि अगर न्याय हुआ तो उनकी पार्टी को चुनाव चिन्ह वापस मिल जाएगा।उन दावों के बारे में पूछे जाने पर कि उद्धव ठाकरे ने भाजपा के साथ संभावित तालमेल पर चर्चा के लिए पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी, आदित्य ठाकरे ने कहा कि तत्कालीन उप मुख्यमंत्री अजीत पवार और मंत्री अशोक चव्हाण उनके पिता के साथ दिल्ली गए थे। ठाकरे ने कहा, “क्या एक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के बीच सामान्य बैठकों को सिर्फ इसलिए राजनीतिक रंग देना जरूरी है क्योंकि एक गद्दार ऐसा कहता है।”

नए विचारों को स्वीकार करने के लिये रहना होगा तैयार

आलोचना से जुड़े एक सवाल के बारे में कि उनके जैसा कोई व्यक्ति जो जलवायु परिवर्तन, शहरी नियोजन और पर्यावरण के बारे में बोलता है, वह उस पार्टी का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त नहीं है जो आक्रामकता और धमकी की राजनीति के लिए जानी जाती है, आदित्य ने कहा कि कोई कठोर नहीं हो सकता है, आपको बदलावों के मुताबिक ढलने और नए विचारों को स्वीकार करने के लिये तैयार रहना होगा।उन्होंने कहा, “मेरे दादा (बाल ठाकरे) ने भूमि पुत्रों और हिंदुत्व के मुद्दे को इसलिए उठाया क्योंकि ये मुद्दे उस दौर में थे, जबकि मेरे पिता ने मौजूदा समय के विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया था।”

इससे पहले, मुख्यमंत्री शिंदे ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा कि उद्धव ठाकरे के पास उन्हें और उनके गुट के विधायकों को “देशद्रोही” कहने के अलावा कुछ भी नया नहीं है। ठाकरे गुट के बागी विधायकों को पाला बदलने के लिये रुपये दिए जाने के आरोपों पर शिंदे ने कहा, “कोई दो या तीन लोगों को रिश्वत दे सकता है, 50 लोगों को नहीं।”उन्होंने कहा, “क्या गलत हुआ, इस पर आत्मनिरीक्षण करने के बजाय, वह (उद्धव ठाकरे) हमारे खिलाफ आरोप लगा रहे हैं। मेरे लिए, विचारधारा महत्वपूर्ण है, मुख्यमंत्री पद नहीं। हमारे विधायक नाराज थे, लोग चाहते थे कि शिवसेना महाविकास आघाड़ी गठबंधन से बाहर हो जाए। हम शिवसेना-भाजपा गठबंधन के लिए खड़े थे, जिसके लिए लोगों ने मतदान किया था।”