रांची : 28 दिसंबर तक झारखंड के सभी घरों में बिजली पहुंच जाए। अगले 20 वर्षों तक झारखंड में बिजली की आवश्यकता चाहे वह उद्योग हो कृषि हो गांव गांव में बिजली की आवश्यकता हो इसका आकलन कर एडवांस प्लानिंग की जानी चाहिए। हमें दूर दृष्टि से काम करना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज झारखंड मंत्रालय में राज्य में हो रहे विद्युतीकरण के कार्य की समीक्षा करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री ने कहा की विद्युतीकरण और हर घर घर तक बिजली पहुंचाने के बाद विद्युत पर बढ़े हुए लोड का आकलन कर उस उसके निर्बाध आपूर्ति के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अवैध कनेक्शन को रोकने के लिए टास्क फोर्स बनाए जाने चाहिए तथा विद्युत चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, विद्युत बिलों के बकायों की उगाही के लिए राजस्व संग्रहण के कार्य में एक्स सर्विसमैन को भी लगाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा ग्रीड और सब स्टेशन के निर्माण की भी नियमित समीक्षा हो। अप्रैल के अंत तक एग्रीकल्चर फीडर को अलग करने का कार्य भी पूरा कर लेना है। दिन में अनावश्यक रूप से बिजली जलाए रहने के कार्य से भी विद्युत का अपव्यय होता है इसे भी रोकने के प्रयास और कार्य किए जाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जी बीबीएल एवं तेनुघाट विद्युत उपकरण को प्रोफेशनल तरीके से चलाए जाने की जरूरत है।

अगले वर्ष का यह लक्ष्य होना चाहिए की विद्युत निर्माण और वितरण से जुड़ी सभी संस्थाएं अपने व्यय के लिए आत्मनिर्भर ही नहीं बनें बल्कि लाभ कमाने वाली संस्था बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांके चांडिल डैम तथा बड़े नहरों में सोलर प्लेट लगाया जाए तथा पूरे राज्य में सोलर फार्मिंग को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाए। राज्य की खाली पड़ी हुई जमीन में सोलर फार्मिंग करें ताकि राज्य के रैयतों को यह प्रेरणा मिले कि वे भी अपने खेतों में सोलर फार्मिंग कर सकें।

सोलर फार्मिंग से उत्पादित होने वाली विद्युत को जेबीवीएनएल क्रय करें तथा उसका वितरण किया जाए। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ऊर्जा सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, जेबीवीएनएल के एमडी श्री राहुल कुमार पुरवार, डायरेक्टर जेरेडा श्री निरंजन कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।