कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने एक कथित ऑडियो क्लिप की एसआईटी जांच कराये जाने की सोमवार को घोषणा की। कुमारस्वामी ने एक ऑडियो क्लिप जारी की थी जिसमें भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा को कांग्रेस-जद (एस) सरकार गिराने के कथित प्रयास में जद (एस) के एक विधायक को लुभाते हुए सुना जा सकता था।

भावुक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने इस घटनाक्रम की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किये जाने की ‘‘सलाह’’ दी थी जिसे कुमारस्वामी ने स्वीकार कर लिया। अध्यक्ष ने कहा कि इससे ‘‘सच्चाई का पता लगेगा’’ क्योंकि उनका (कुमार) नाम भी इसमें घसीटा गया है।

व्यथित दिख रहे कुमार ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा, “सच्चाई का पता लगाने के लिए एसआईटी का गठन करें। पंद्रह दिन में मुझे राहत दी जाये।” सदन के सभी सदस्यों ने कहा कि अध्यक्ष को उनकी ईमानदारी के लिए जाना जाता है और उनके पद की गरिमा की रक्षा की जानी चाहिए।

कुमारस्वामी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ आरोप को लेकर वह भी ‘‘दुखी’’ हैं और एसआईटी गठित करने के उनके सुझाव को स्वीकार किया जाता है। उन्होंने अध्यक्ष से कहा, “मैं सच्चाई का पता लगाने के लिए एक व्यापक जांच के वास्ते एसआईटी का गठन करने के लिए आपकी अनुमति चाहता हूं।”

कुमारस्वामी का ऑडियो क्लिप ‘एक मनगढंत कहानी’ : येदियुरप्पा

कुमारस्वामी ने कहा था कि कथित बातचीत के दौरान येदियुरप्पा ने भाजपा की मदद के वास्ते इस्तीफा देने वाले विधायकों के पक्ष में फैसला देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को ‘‘50 करोड़ रुपये की पेशकश’’ के बारे में भी बात की थी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को मुख्यमंत्री से ऑडियो क्लिप और एक पत्र मिला था और वह आश्वस्त नहीं थे कि यह आवाज किसकी है।

उन्होंने कहा कि कथित बातचीत के दौरान इसमें कहा गया है कि सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करने के लिए अनुकूल निर्णय लेने के लिए अध्यक्ष को 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। कुमार ने कहा, “व्यक्ति की पहचान और प्रमाणिकता महत्वपूर्ण है। मैं यह दोष नहीं ले सकता। मैं अपनी पत्नी और बच्चों को अपना चेहरा नहीं दिखा सकता।”

उन्होंने कहा, “मैं एक मिनट के लिए भी कुर्सी पर नहीं बैठना चाहता। लेकिन मैं जल्दबाजी में कोई भी फैसला नहीं ले रहा हूं।” येदियुरप्पा ने कहा था कि “यदि ये (आरोप) साबित हो जाते हैं तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। यदि (अध्यक्ष के बारे में) मैंने ऐसा कुछ कहा है, वह साबित हो जाता है तो मैं विधायक के रूप में इस्तीफा दे दूंगा और राजनीति छोड़ दूंगा।” भाजपा के वरिष्ठ नेता ईश्वरप्पा ने कहा कि पार्टी को उम्मीद थी कि सदन की समिति का गठन किया जायेगा या न्यायिक जांच के आदेश दिये जायेंगे।