BREAKING NEWS

Delhi Weather Update : धुंध की वजह से कम हुई विज़िबिलिटी, आज शाम तक बारिश के आसार, बढ़ेगी ठंड◾मथुरा : 6 दिसंबर से पहले प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, छावनी में तब्दील हुई कृष्ण नगरी◾चीन की बढ़ती क्षमताओं के परिणाम ‘गहरे’ हैं : जयशंकर◾जो ‘नया कश्मीर’ दिखाया जा रहा है, वह वास्तविकता नहीं है : महबूबा◾मछुआरों की चिंताओं और मत्स्यपालन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी कांग्रेस : राहुल गांधी◾ सिद्धू ने फिर अलापा PAK राग! बोले- दोनो देशों के बीच फिर शुरू हो व्यापार◾भारत पर ओमीक्रॉन का वार, कर्नाटक-गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में भी दी दस्तक, देश में अब तक चार संक्रमित ◾गोवा में बोले केजरीवाल- सभी दैवीय ताकतें एकजुट हो रही हैं और इस बार कुछ अच्छा होगा◾मध्य प्रदेश में तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव, EC ने तारीखों का किया ऐलान ◾कल्याण और विकास के उद्देश्यों के बीच तालमेल बिठाने पर व्यापक बातचीत हो: उपराष्ट्रपति◾वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ का हआ निधन, दिल्ली के अपोलो अस्पताल में थे भर्ती◾ MSP और केस वापसी पर SKM ने लगाई इन पांच नामों पर मुहर, 7 को फिर होगी बैठक◾ IND vs NZ: एजाज के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर भारी पड़े भारतीय गेंदबाज, न्यूजीलैंड की पारी 62 रन पर सिमटी◾भारत में 'Omicron' का तीसरा मामला, साउथ अफ्रीका से जामनगर लौटा शख्स संक्रमित ◾‘बूस्टर’ खुराक की बजाय वैक्सीन की दोनों डोज देने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत, विशेषज्ञों ने दी राय◾देहरादून पहुंचे PM मोदी ने कई विकास योजनाओं का किया शिलान्यास व लोकार्पण, बोले- पिछली सरकारों के घोटालों की कर रहे भरपाई ◾ मुंबई टेस्ट IND vs NZ - एजाज पटेल ने 10 विकेट लेकर रचा इतिहास, भारत के पहली पारी में 325 रन ◾'कांग्रेस को दूर रखकर कोई फ्रंट नहीं बन सकता', गठबंधन पर संजय राउत का बड़ा बयान◾अमित शाह बोले- PAK में सर्जिकल स्ट्राइक कर भारत ने स्पष्ट किया कि हमारी सीमा में घुसना आसान नहीं◾केंद्र ने अमेठी में पांच लाख AK-203 असॉल्ट राइफल के निर्माण की मंजूरी दी, सैनिकों की युद्ध की क्षमता बढ़ेगी ◾

अहमदाबाद : भगवान जगन्नाथ की रथ-यात्रा से पहले मुस्लिम समुदाय ने मंदिर महंत को सौंपा चांदी का रथ

गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ मंदिर की सालाना रथ यात्रा को कोरोना महामारी के बीच कई प्रतिबंधों के साथ निकाला जाएगा। यात्रा से पहले हर साल की तरह स्थानीय मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने आज मंदिर के महंत को चांदी से बना रथ सौंपा। मुस्लिम समुदाय ने हर साल की तरह इस बार भी महंत दिलीप दास को चांदी का रथ सौंपा।

परम्परा के अनुसार आज मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेता मंदिर में तीनों रथों की पूजा करेंगे और प्रसाद ग्रहण करेंगे। शाम की आरती में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी शिरकत करेंगे। कल इस भव्य मंदिर में नेत्रोपचार पूजा की विधि विधान सभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी और गृह राज्य मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा द्वारा पूरी की गई थी। मान्यताओं के अनुसार अपने मौसी के घर प्रवास में आम बहुतायत में खाने से भगवान के आंख में कुछ समस्या हो जाती है इसलिए वापस लौटने उनके सांकेतिक उपचार के लिए विग्रहों की आंखों पर पट्टियां लगा दी जाती हैं। 

ओडिशा की पुरी की रथ यात्रा का बाद देश में दूसरी सर्वाधिक इस रथ यात्रा के 143 वें वार्षिक संस्करण का पिछले साल कोरोना के चलते गुजरात हाई कोर्ट के आदेश के मद्देनजर विधिवत आयोजन नहीं हो सका था। तब केवल मंदिर परिसर में ही रथ यात्रा का सांकेतिक आयोजन भर किया गया था।

144 वीं रथ यात्रा के कल के आयोजन को राज्य सरकार ने शर्तों के साथ मंजूरी दी है। क़रीब 14 किमी लम्बे यात्रा मार्ग के पूरे इलाक़ में यानी सात थाना क्षेत्रों में कर्फ़्यू रहेगा। इस दौरान प्रसाद वितरण नहीं होगा। अहले सुबह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हर साल की तरह मंगला आरती में भाग लेंगे। रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के तीन रथनुमा वाहन और मंदिर महंत का वाहन समेत केवल पांच वाहन ही भाग ले सकेंगे। 

इस दौरान ट्रकों, भजन मंडलियों, अखाड़ओं, हाथी आदि को भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। रथ को खींचने वाले खलासियों के लिए पूर्ण में कम से कम टीके की एक डोज़ और अधिकतम 48 घंटे पुराना नेगेटिव कोरोना आरटी पीसीआर रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा।

रथ यात्रा की सुबह सात बजे शुरुआत से पहले मंदिर में सोने की झाड़ लगाने की पहिंद विधि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल करेंगे। पूरी यात्रा कोरोना प्रोटकाल के अनुरूप होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब राज्य सरकार कोरोना की तीसरी लहर को टालने के लिए पूर्व प्रबंध में लगी है, रथ यात्रा को इस तरह से आयोजित किया जा रहा है। रथ यात्रा मार्ग पर पुलिस की व्यापक व्यवस्था और तैनाती होगी। 15 ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी की जाएगी।

ज्ञातव्य है कि गुजराती कैलेंडर के हिसाब से आषाढी बीज यानी आषाढ़ माह की दूसरी तिथि को निकलने वाली अहमदाबाद की रथ यात्रा में आम दिनों में लाखों श्रद्धालु शिरकत करते हैं। यात्रा पुराने शहर के जमालपुर स्थित मंदिर से अहले सुबह निकल कर सरसपुर में भगवान के मौसी के घर जाती है और दोपहर को वह थोड़ी  देर विश्राम (जब वह लाखों लोगों को भोजन जैसा प्रसाद दिया जाता है) के बाद देर शाम तक वापस लौटती है। 

इस दौरान लाखों लोगों का हुजूम सड़क पर रहता है। यात्रा मार्ग के साम्प्रदायिक रूप से बेहद संवेदनशील होने के कारण सुरक्षा के लिए हज़ारों पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी की जाती है। पूर्व में रथ यात्रा के दौरान साम्प्रदायिक हिंसा की भी घटनाएं होती रही हैं।

इस बार पूरी यात्रा मात्र क़रीब पांच घंटे में पूरी हो जाएगी और यह दोपहर क़रीब 12 बजे तक निज मंदिर लौट आएगी। सरकार ने लोगों से यात्रा का जीवंत प्रसारण देखने की अपील भी की है। वडोदरा तथा कुछ अन्य शहरों में भी रथ यात्राओं के आयोजन को सशर्त मंजूरी दी गयी है।