BREAKING NEWS

LAC तनाव के बीच चीन की तैयारी, कड़ाके की ठंड से निपटने के लिए अपने सैनिकों को दिए हाई-टेक उपकरण ◾नीस आतंकी हमले पर मलेशिया के पूर्व PM की विवादित टिप्पणी, ‘मुस्लिमों को फ्रांस के लोगों की हत्या करने का हक’◾TOP 5 NEWS 30 OCTOBER : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें ◾देश में कोरोना मामले 81 लाख के करीब, एक्टिव केस छह लाख से कम◾बिहार चुनाव में CM नीतीश का आरक्षण पर बड़ा दांव, आबादी के हिसाब से मिले लोगों को रिजर्वेशन ◾दुनियाभर में कोरोना वायरस का प्रकोप तेज, वैश्विक स्तर पर संक्रमितों का आंकड़ा साढ़े 4 करोड़ के करीब ◾आज का राशिफल ( 30 अक्टूबर 2020 )◾आतंकवाद के खिलाफ जंग में भारत फ्रांस के साथ : PM मोदी◾PM मोदी आज से दो दिन के गुजरात दौरे पर, देश की पहली सी-प्लेन सेवा का करेंगे उद्घाटन◾CSK vs KKR ( IPL 2020 ) : रुतुराज और जडेजा ने चेन्नई सुपरकिंग्स को दिलाई जीत, मुंबई प्ले आफ में◾जम्मू कश्मीर के कुलगाम में आतंकी हमला, भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या◾कांग्रेस 31 अक्टूबर को मनाएगी ‘किसान अधिकार दिवस’, जिला मुख्यालयों पर देगी धरना◾नीतीश की दोहरी चुनौती : NDA के भीतर पार्टी को शीर्ष स्थान पर रखना, सत्ता बरकरार रखना◾एस जयशंकर ने यूनान के विदेश मंत्री डेंडियास से वार्ता की◾'अश्विनी मिन्ना' मेमोरियल अवार्ड में आवेदन करने के लिए क्लिक करें ◾बिहार में NDA गठबंधन की मजबूत सरकार बनेगी : रविशंकर प्रसाद ◾पाकिस्तान का कबूलनामा, मंत्री फवाद चौधरी ने कहा- पुलवामा हमला इमरान सरकार की बड़ी उपलब्धि◾राहुल को घेरे जाने पर कांग्रेस का पलटवार - बिहार चुनाव में हार तय देखकर BJP को याद आया पाकिस्तान◾सपा का बसपा पर जोरदार हमला , कहा - मायावती ने खुद ही खोली अपनी पोल◾केशुभाई पटेल के निधन पर राष्ट्रपति कोविंद ने जताया शोक, कहा - देश ने एक महान नेता खोया◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

बीजेपी ने छह सीटें जीतने के साथ कर्नाटक विधानसभा में बहुमत किया हासिल

कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा ने उपचुनावों में छह सीटें जीतकर विधानसभा में सोमवार को बहुमत हासिल कर लिया। वह छह अन्य सीटों पर आगे भी चल रही है। कर्नाटक विधानसभा उपचुनावों के लिए मतगणना अभी चल रही है। महाराष्ट्र में सरकार न बना पाने के बाद कर्नाटक में भाजपा का 12 सीटों पर अच्छा प्रदर्शन उसके लिए मनोबल बढ़ाने वाला है। 

झारखंड में एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के प्रदर्शन की तारीफ की और कांग्रेस पर पिछले दरवाजे से जनादेश को चुराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हाल में संपन्न हुए उपचुनावों में कांग्रेस को सबक सिखाया गया है। इस बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि वह अपने बाकी के साढ़े तीन साल के कार्यकाल के लिए स्थिर और विकासोन्मुख सरकार देंगे। 

उन्होंने यहां  कहा, ‘‘मतदाताओं ने अपना फैसला दे दिया और नतीजे आ चुके हैं। अब हमें राज्य के विकास पर ध्यान केंद्रित करना है। मैं अपने मंत्रियों और विधायकों की मदद से अगले तीन साल के लिए सुशासन दूंगा।’’ उन्होंने अपना कार्यकाल निर्बाध रूप से पूरा करने के लिए विपक्ष का समर्थन मांगा। येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘विपक्ष लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है। मैं उनसे अपील करता हूं कि कम से कम अब से अपना पूरा समर्थन हमें दें। हमने विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिये गए सभी विधायकों को आश्वासन दिया था कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा।’’ 

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसलिए उनसे वादाखिलाफी करने का कोई सवाल ही नहीं है। हम उन्हें मंत्री बनाएंगे।’’ पूर्व के चुनाव में इन 15 सीटों में से 12 सीटें जीतने वाली कांग्रेस केवल दो निर्वाचन क्षेत्रों हुनसुर और शिवाजीनगर पर ही आगे चल रही है। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा के नेतृत्व वाली जद(एस) उन सभी 12 सीटों पर पीछे चल रही है जहां उसने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। पूर्व में हुए चुनाव में उसके पास तीन सीटें थीं। 

होसकोटे से निर्दलीय उम्मीदवार शरथ बच्चेगौड़ा जीत की ओर बढ़ रहे हैं। भाजपा ने बच्चेगौड़ा के बगावत करके उपचुनाव लड़ने के बाद उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया। भाजपा की ओर से जीतने वाले छह उम्मीदवार अराबैल शिवराम हेब्बार (येल्लापुर), नारायण गौड़ा (के आर पेटे), बी सी पाटिल (हीरेकेरूर), श्रीमंत पाटिल (कागवाड), महेश कुमातली (अथानी) और के सुधाकर (चिक्काबल्लापुर) हैं। 

ये उपचुनाव 17 विधायकों को अयोग्य करार देने से पैदा हुई रिक्तियों को भरने के लिये हो रहे हैं। इन विधायकों में कांग्रेस और जद(एस) के बागी नेता शामिल थे। इन विधायकों की बगावत के चलते जुलाई में एच डी कुमारस्वामी नीत कांग्रेस-जद(एस) सरकार गिर गई थी और भाजपा के सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त हुआ। भाजपा को राज्य की सत्ता में बने रहने के लिए 225 सदस्यीय विधानसभा (अध्यक्ष सहित) में 15 सीटों (जिन पर उपचुनाव हो रहे हैं) में कम से कम छह सीटें जीतने की जरूरत थी। 

विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के बाद विधानसभा में इस समय 208 सदस्य हैं जिनमें भाजपा के पास 105 (एक निर्दलीय सहित), कांग्रेस के 66 और जद (एस) के 34 विधायक हैं। बसपा का भी एक विधायक है। इसके अलावा एक मनोनीत विधायक और विधानसभा अध्यक्ष हैं। अगर भाजपा उन छह सीटों पर भी जीत दर्ज कर लेती हैं जिन पर वह आगे चल रही है तो सदन में पार्टी के सदस्यों की संख्या 105 से बढ़कर 117 हो जाएगी जो 223 सदस्यीय सदन में बहुमत के 111 के आंकड़े से अधिक है। उच्च न्यायालय में लंबित याचिका के कारण दो सीटें खाली हैं। 

भाजपा के जो विधायक आगे चल रहे हैं उनमें आनंद सिंह (विजयनगर), रमेश जारकिहोली (गोकाक), अरुण कुमार गुट्टूर (रानीबेन्नुर), गोपालैया (महालक्ष्मी लेआउट), एस टी सोमशेखर (यशवंतपुरा) और बायरती बसवराज (के आर पुरा) शामिल हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने मांगे वकील-पुलिस झड़प और विरोध से संबंधित हाई कोर्ट के आदेश