राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने आज कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्तर प्रदेश के उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने यह कह कर पार्टी की मंशा को साफ कर दिया है कि होने वाले लोकसभा चुनाव के बाद देश में चुनाव की जरूरत नहीं होगी। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने यहां कहा कि भाजपा यदि फिर से सत्ता में आ गई तो वर्ष 2024 में लोकसभा का चुनाव नहीं होगा।

यह सिर्फ राजद की आशंका नहीं है बल्कि अब तो भाजपा के नेता भी यह कहने लगे है। भाजपा सांसद श्री महाराज का यह मानना है कि देश में अभी श्री नरेंद्र मोदी के नाम पर सुनामी है। श्री तिवारी ने कहा कि भाजपा सांसद का यह भी मानना है कि होने वाले लोकसभा चुनाव में मोदी की सुनामी के सामने कोई नहीं टिकेगा और भारी बहुमत के साथ फिर से श्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि श्री महाराज के अनुसार उसके बाद चुनाव की जरूरत नहीं रहेगी और इसका मतलब है कि फिर वोट का राज रहेगा ही नहीं।

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी बराबर आगाह करती रही है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भारतीय संविधान और लोकतंत्र में यकीन नहीं करता है। राजनीति में भाजपा संघ के विचारों से ही चलता है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में केंद, की भाजपा सरकार की कार्यशैली से यह स्पष्ट हो गया है कि लोकतंत्र और संविधान में इनका भरोसा नहीं है और इनके सांसद ही बता रहे हैं कि 2019 का चुनाव वोट डालने का अंतिम अवसर है।

श्री तिवारी ने कहा कि इसलिए उनकी पार्टी दलितों, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़, अति पिछड़ अकलियतों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वालों से आग्रह करती है कि भाजपा सांसद के बयान को गंभीरता से लें। आज के इन वर्गों को जो थोड़ बहुत जगह हासिल हुई है उसका सेहरा वोट के जरिए राज को ही जाता है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव कहते हैं कि वोट के राज का मतलब छोट का राज। वोट का राज बराबरी के अधिकार को मान्यता देता है। लेकिन, संघ इस पर विश्वास नहीं करता है। राजद उपाध्यक्ष ने कहा कि वोट का राज जाति आधारित गैरबराबरी और छुआछूत को अब तक मिटा तो नहीं पाया है लेकिन उसे ढीला जरूर किया है।