मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को गुरुवार को भागलपुर जिले की एक जेल में भेज दिया गया। जेल के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। ठाकुर बालिका गृह का संचालन करने वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) का प्रमुख है। बालिका गृह में 30 से ज्यादा लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है। ठाकुर इस साल जून से मुजफ्फरपुर की जेल में बंद था।

जेल अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने फोन पर बताया कि हमें ठाकुर को मुजफ्फरपुर की शहीद खुदीराम बोस जेल से भागलपुर के विशेष केंद्रीय कारागार भेजने का निर्देश मिला था। आज सुबह आदेश का पालन किया गया। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस समय केवल ठाकुर को मुजफ्फरपुर से दूसरी जगह भेजा गया है क्योंकि मामले में गिरफ्तार किए गए करीब 15 लोगों में से किसी दूसरे को दूसरी जगह भेजने के निर्देश नहीं मिले हैं।

मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड : CBI ने एक और व्यक्ति को किया गिरफ्तार

राज्य के कारागार विभाग के सूत्रों ने कहा कि मामले की जांच कर रही सीबीआई के अनुरोध के बाद ठाकुर को दूसरी जेल में भेजा गया। सीबीआई मुजफ्फरपुर की जेल में ठाकुर को रखे जाने को लेकर चिंतित थी जहां कैदियों की संख्या क्षमता से ज्यादा है और ठाकुर शहर में एक प्रभावशाली हस्ती माना जाता है।

इस कांड का खुलासा इस साल की शुरूआत में हुआ जब मुंबई के ‘टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज’ ने बिहार के आश्रय गृहों की अपनी सोशल ऑडिट रिपोर्ट में कहा कि मुजफ्फरपुर में नाबालिग लड़कियों के इस बालिका गृह में यौन शोषण की शिकायतें की गयी हैं। राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग ने इसके बाद प्राथमिकी दर्ज करायी और मामले में पुलिस ने ठाकुर सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया।

चिकित्सा जांच में कई लड़कियों के यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई। इसके बाद देश भर में मामले को लेकर आक्रोश पैदा हो गया। बालिका गृह में एक लड़़की की कुछ साल पहले पीट पीटकर हत्या किए जाने की भी बात सामने आयी। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने जुलाई में सीबीआई को मामले की जांच सौंप दी। सामाजिक कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने अपने पति के ठाकुर के साथ करीबी संबंधों के आरोपों के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था।