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विस चुनाव में अब 28 लाख तक खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी

स्तरीय निर्वाचन व्यय लेखा माॅनिटरिंग कमेटी में जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन प्रेक्षक के मध्य महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेंगे।

रायपुर : चुनाव 2018 के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के लिए व्यय सीमा 16 से बढ़ाकर 28 लाख रूपए कर दिया गया है। इस सीमा से अधिक व्यय होने पर निर्वाचन रद्द भी किया जा सकता है। प्रत्याशियों को समय-समय पर जिस प्रारूप में व्यय लेखा प्रस्तुत करना अनिवार्य है उसी प्रारूप में ही निर्वाचन संबंधी व्यय लेखा प्रस्तुत करना होगा। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा अनुवीक्षण समिति के जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों और सहायक व्यय लेखा प्रेक्षकों के लिए आयोजित एक दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यय लेखा की बारीकियों को ठीक तरह से समझने और उसका अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा दिए गए मार्गदर्शी बिन्दुओं के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखा के लिए शैडो रजिस्टर के संधारण को आवश्यक निरूपित किया। प्रशिक्षण में यह बताया गया कि सभी प्रत्याशी अपने नामांकन दाखिले के पूर्व एक पृथक बैंक खाता खोलेंगे। इसी बैंक खाते के माध्यम से रूपए निकालकर नामांकन फार्म क्रय करेंगे। जो भी राशि का लेन-देन होगा वह इसी बैंक खाते के परिचालित होगा। जिसकी संगणना निर्वाचन व्यय लेखा के लिए की जाएगी। सभी प्रत्याशियों को व्यय लेखा के लिए निर्वाचन व्यय लेखा अभिकर्ता को नामांकित करना होगा।

निर्वाचन आयोग के द्वारा चाही गई जानकारी के अनुरूप सभी प्रत्याशियों को निर्वाचन अवधि के दौरान अपना व्यय लेखा कम से कम तीन बार प्रस्तुत करना अनिवार्य है। व्यय लेखों के लिए नियुक्त अधिकारी प्रस्तुत व्यय लेखों की नियमानुसार जांच कर निर्वाचन व्यय प्रेक्षक को प्रत्याशी के व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेंगे। निर्वाचन व्यय लेखा के लिए एस.एस.टी. (स्टेटिक सर्विलेंस टीम) और वी.एस.टी. (वीडियो सर्विलेंस टीम) की महत्वपूर्ण भूमिका के संदर्भ में भी नोडल अधिकारियों और सहायक व्यय प्रेक्षकों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। जानकारी दी गई कि सहायक व्यय प्रेक्षक जिला स्तरीय निर्वाचन व्यय लेखा माॅनिटरिंग कमेटी में जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन प्रेक्षक के मध्य महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेंगे।

दचले इस एक दिवसीय गहन प्रशिक्षण में निर्वाचन व्यय लेखा की बारीकियों के संबंध में प्रशिक्षकों ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं पूछे गए सवालों और शंकाओं का भी समाधान किया गया। निर्वाचन व्यय लेखा के जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों और सहायक व्यय प्रेरक्षकों के लिए आयोजित इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डाॅ. एस. भारतीदासन, सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वय पुलक भट्टाचार्य, मनीष मिश्रा और राज्य स्तरीय प्रशिक्षक उपस्थित थे।

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