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मुख्यमंत्री ने आतंकवाद के वित्तपोषण में पकड़े गये आरोपियों के रिहा होने की रिपोर्ट मांगी

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आतंकवादियों को पैसा पहुंचाने के आरोप में 2017 में पकड़े गये आरोपियों के जमानत पर रिहा होने के बारे में रिपोर्ट मांगी है। मालूम हो कि तीन दिन पहले आतंकवाद वित्तपोषण के मामले में प्रदेश के सतना में तीन आरोपी बलराम सिंह, सुनील सिंह एवं शुभम मिश्रा पकड़े गये थे। इनमें से बलराम सिंह 2017 में भी पकड़ा गया था और जमानत पर था। फिलहाल तीनों आरोपियों को भोपाल की एक अदालत ने 23 अगस्त को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। 

पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एटीएस द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 123 (युद्ध करने की परिकल्पना को सुगम बनाने के आशय से छिपाना) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। 

कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने रविवार को बताया, ‘‘मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हाल ही में आतंकवाद वित्तपोषण के मामले में सतना में पकड़े गये आरोपियों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए उन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही इस बेहद गंभीर अपराध में दो वर्ष पूर्व पकड़ाये आरोपियों की जमानत होने व जमानत होने के बाद जमानत निरस्त कराने के लिए अपील को लेकर उस समय की तत्कालीन सरकार ने क्या कदम उठाए, जमानत पर रिहा आरोपियों की निगरानी की क्या व्यवस्था की गई, इन सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने संगीन अपराध में पकड़ाए गए आरोपी की जमानत होने के बाद फिर से उनका इसी अपराध में पकड़े जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। 

उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2017 में मध्‍यप्रदेश एटीएस द्वारा एक प्रकरण दर्ज कर बलराम, ध्रुव सक्‍सेना सहित 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। यह पूरा गिरोह पाकिस्‍तान के हैंडलेरों के निर्देशों पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर उनमें धनराशि प्राप्‍त कर रहा था और उसे ठिकाने लगा रहा था। इस काम में अवैध टेलिफोन एक्‍सचेंज भी स्‍थापित किए गए थे। साथ ही पाकिस्‍तान हैंडलरों से इंटरनेट कालिंग के जरिए बातचीत होती थी। पाकिस्‍तान के हैंडलरों द्वारा 100 से अधिक कान्‍टेक्‍ट नम्‍बरों से संपर्क किया जा रहा था ।