पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोक आस्था के महापर्व छठ पर्व के मद्देनजर आज दूसरी बार छठ घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टीमर से दानापुर के नासरीगंज से खाजेकलां घाट तक गंगा घाटों का निरीक्षण किया और घाटों की सफाई, सुरक्षा एवं स्वच्छता के संबंध में पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने लगभग ढ़ाई घंटे तक नासरीगंज से खाजेकलां घाट के बीच अवस्थित सभी छठ घाटों का मुख्यमंत्री ने बारीकी से अवलोकन किया और लगातार अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते रहे ताकि छठव्रतियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

मुख्यमंत्री ने छठव्रतियों की सुविधा के लिए सीढ़ी और स्लोप ठीक कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाटों तक पहुॅचने की कनेक्टिविटी भी दुरूस्त की जाय। साथ ही सभी घाटों पर उपयुक्त बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। घाटों के कटाव के मद्देनजर उन्होंने कहा कि पानी के लेवल को देखकर वहॉ बैरिकेटिंग सुनिष्चित करायी जाय।

उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कटाव पर नजर रखें और समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। घाटों के आसपास बालू के जमाव को हटाने के साथ-साथ नदी के बीच में कहीं-कहीं जमा हुए बालू को भी हटाने का निर्देश दिया। डिसिल्टेशन से घाटों एवं नदी के बहाव को ठीक रखा जा सकता है। डिसिल्टेशन की वजहों का अध्ययन कराने का भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहॉ भी श्रद्धालु भारी संख्या में अघ्र्य देने के लिये आते हैं, उन्हें अघ्र्य देने में असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि छठव्रती के अतिरिक्त दूसरे परिवार के श्रद्धालु आते हैं, इसके कारण होने वाली भीड़ को देखते हुये आवागमन को दुरूस्त रखना होगा। इस संबंध में भी उन्होंने अधिकारियों को आवष्यक दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री दानापुर के नासरीगंज से पटना सिटी के खाजेकलां घाट तक गंगा तटों पर चल रहे छठ घाटों की तैयारी से संतुष्ट नजर आये। घाटों के निरीक्षण के पश्चात मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि छठ लोक आस्था का महापर्व है और छठ के समय गंगा नदी पर लाखों की संख्या में लोग अघ्र्य देने के लिए आते हैं। हमने शुरु से ही कहा है कि घाटों पर किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा घाटों का निर्माण कार्य शुरु किया जा रहा है।

लोगों के आने-जाने के लिए रास्ता सुगम हो, इसका ध्यान रखकर घाटों को तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक साल ऐसी घटना घट गई थी कि उसके बाद से इस पर हमलोगों ने विशेष ध्यान रखना शुरु किया है। उन्होंने कहा कि छठ व्रत करने वाले लोगों को किसी तरह की कोई कठिनाई न हो, इसके लिये घाटों की गहराई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 03 नवम्बर को भी हमने मुआयना किया था और कुछ सुझाव दिये थे। साथ ही यहॉ दोबारा 8 नवम्बर को आने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि काम तेजी से हो रहा है और बेहतर हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ और निर्देश दिये गये हैं, जिसे दो दिनों के अंदर ठीक कर लिया जाएगा। मुख्य सचिव को भी हमने कहा है कि वे स्वयं इस पर निगरानी रखें।

उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी और नगर आयुक्त इन सब चीजों की निगरानी कर रहे हैं और तैयारी संतोषजनक है। हमलोग तो फैसीलिटी देते हैं लेकिन हर साल छठव्रतियों की संख्या बढ़ती जा रही है, इसको भी ध्यान में रखकर तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री लालकृष्ण आडवाणी को जन्मदिन की बधाई भी दी।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के क्रम में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा, मेयर पटना नगर निगम श्रीमती सीता साहू, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक के. एस. द्विवेदी, प्रधान सचिव पथ निर्माण अमृत लाल मीणा, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, सचिव लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण जितेन्द्र श्रीवास्तव, सचिव परिवहन संजय कुमार अग्रवाल, विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय अनुपम कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक जे. एस. गंगवार, प्रमण्डलीय आयुक्त आर.एन. चोंग्थू, आईजी पटना नैयर हसनैन खान, डीआईजी पटना राजेश कुमार, जिलाधिकारी पटना कुमार रवि, वरीय पुलिस अधीक्षक पटना मनु महाराज, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, नगर आयुक्त पटना नगर निगम अनुपम कुमार सुमन सहित पटना नगर निगम, बुडको एवं बिहार राज्य जल पर्षद के वरीय पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।