BREAKING NEWS

कम्युनिस्ट विचारधारा में कन्हैया की नहीं थी कोई आस्था, पार्टी के प्रति नहीं थे ईमानदार : CPI महासचिव◾ पंजाब में लगी इस्तीफों की झड़ी, योगिंदर ढींगरा ने भी महासचिव पद छोड़ा◾कोलकाता ने दिल्ली कैपिटल्स को 3 विकेट से हराया, KKR की प्ले ऑफ में पहुंचने की उम्मीदें जिंदा◾कोरोना सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती, केंद्र ने कोविड-19 नियंत्रण संबंधित दिशा-निर्देशों को 31 अक्टूबर तक बढ़ाया◾ क्या BJP में शामिल होंगे कैप्टन ? दिल्ली आने की बताई यह खास वजह ◾UP चुनाव में एक साथ लड़ेंगे BJP-JDU! गठबंधन बनाने के लिए आरसीपी सिंह को मिली जिम्मेदारी◾कांग्रेस में शामिल हुए कन्हैया कुमार, कहा- आज देश को बचाना जरूरी, सत्ता के लिए परंपरा भूली BJP ◾सिद्धू के इस्तीफे से कांग्रेस में हड़कंप, कई नेता बोले- पार्टी की राजनीति के लिए घातक है फैसला ◾नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे पर बोले CM चन्नी-मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं◾अमेरिका ने फिर की इमरान खान की बेइज्जती, मिन्नतों के बाद भी बाइडन नहीं दे रहे मिलने का मौका ◾उरी में भारतीय सेना को मिली बड़ी कामयाबी, पकड़ा गया पाकिस्तान का 19 साल का जिंदा आतंकी ◾पंजाब कांग्रेस में फिर घमासान : सिद्धू ने अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, BJP ने ली चुटकी ◾पंजाब: CM चन्नी ने किया विभागों का वितरण, जानें किसे मिला कौनसा मंत्रालय◾पंजाब के पूर्व CM अमरिंदर सिंह आज पहुंच रहे हैं दिल्ली, अमित शाह और नड्डा से करेंगे मुलाकात◾योगी के नए मंत्रिमंडल में 67% मंत्री सवर्ण और पिछड़े समाज से सिर्फ़ 29% : ओवैसी◾क्या कांग्रेस में यूथ लीडरों की एंट्री होगी मास्टरस्ट्रोक, पार्टी मुख्यालय पर लगे कन्हैया और जिग्नेश के पोस्टर◾कन्हैया के पार्टी जॉइनिंग पर मनीष तिवारी का कटाक्ष- अब शायद फिर से पलटे जाएं ‘कम्युनिस्ट्स इन कांग्रेस’ के पन्ने ◾PM मोदी ने विशेष लक्षणों वाली फसलों की 35 किस्मों का किया लोकार्पण , कुपोषण पर होगा प्रहार ◾जम्मू-कश्मीर : उरी सेक्टर में पकड़ा गया पाकिस्तानी घुसपैठिया, एक आतंकवादी ढेर ◾बिहार: केंद्र से झल्लाई JDU, कहा - हमलोग थक चुके हैं, अब नहीं करेंगे विशेष राज्य का दर्जा देंगे की मांग◾

कोविड महामारी के खिलाफ CM शिवराज ने अच्छी तरह निभाई अपनी भूमिका, MP में घटा कोरोना का प्रकोप

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण का असर धीरे-धीरे कम हो चला है। यही कारण है कि मंगलवार से कोरोना कर्फ्यू में ढ़ील मिली। बीते तीन माह में कोरोना ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली तो कई को अनाथ कर दिया। राज्य में कोरोना के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई लड़ी गई और इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी भूमिका का निर्वहन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

राज्य में मार्च से लेकर मई माह तक कोरोना के संक्रमण ने अपना भरपूर असर दिखाया। मई का अंत होते-होते हालात सुधरने लगे और संक्रमितों की संख्या में भी लगातार गिरावट आती गई। यही कारण है कि राज्य में वर्तमान में 24 घंटों में लगभग 15 सौ नए प्रकरण सामने आए हैं तो वहीं पांच हजार से ज्यादा मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। वही अप्रैल माह में देखें, तो एक दिन में नए संक्रमित ओं की संख्या लगभग 14 हजार तक पहुंच गई थी।

राज्य में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक में मरीजों को बेड तक नहीं मिल पा रहे थे, तो वही ऑक्सीजन का संकट था। इसके अलावा रेमडेसीविर इंजेक्शन भी आसानी से मिलना मुश्किल हो गया था। स्थितियां सरकार के लिए नई चुनौती बनती जा रही थी उसके बाद सरकार ने हालात को संभालने के लिए सख्ती दिखाई। जिन निजी अस्पतालों में अव्यवस्थाएं थी या इंजेक्शन की कालाबाजारी हो रही थी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तो की ही गई, दूसरी ओर कोरोना कर्फ्यू जैसे कदम उठाए।

राज्य में कोरोना के बढ़ते संक्रमण से निटपने के लिए मुख्यमंत्री चौहान ने आमजन से भी सहयोग की अपील की। उसी का नतीजा रहा कि राज्य के कई गांवों में लोगों ने खुद ही जनता कर्फ्यू लगा दिया। परिणाम स्वरूप कोरोना के मरीजों की संख्या में कमी होती गई। इस दौरान मुख्यमंत्री चौहान की सक्रियता पर गौर करें तो एक बात सामने आती है कि उन्होंने क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के जरिए जमीनी हकीकत को जाना और जो व्यवस्थाएं गड़बड़ थी, उन्हें सुधारने के निर्देश दिए और सख्ती भी दिखाई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कोरोना महामारी से निपटने के लिए किए गए प्रयासों का प्रमाण इस बात से मिलता है कि उन्होंने मार्च से लेकर मई तक अर्थात लगभग 90 दिनों में 162 से अधिक बैठके ली। इसका आशय है कि एक दिन में औसतन दो बैठकें कोरोना को लेकर ली। उन्होंने इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हर स्तर पर संवाद स्थापित किया, उन्होंने अधिकारियों से लेकर सेवा में लगे चिकित्सक और विशेषज्ञों से भी संवाद जारी रखा। इतना ही नहीं नर्सों और आंगनवाड़ी कार्यकतार्ओं से भी उनका संवाद बना रहा, जिससे उन्हें जमीनी हकीकत की जानकारी मिली तो हालात को सुधारने में भी मदद मिली।