नैनीताल : हाईकोर्ट ने प्रदेश के हजारों संविदा कर्मियों को बड़ा झटका दिया है। नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार की 2013 की नियमितीकरण की नियमावली पर अग्रिम रोक लगा दी है। साथ ही सरकार को आदेश दिया है कि इस नियमितीकरण नियमावली के तहत निगमों, परिषदों व अन्य सरकारी विभागों में कर्मचारियों को नियमित न करें।

दरअसल, नरेंद्र सिंह बिष्ठ व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सरकार की 2013 की नियमतिकरण नियमावली को चुनौती दी थी।याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नियमतिकरण नियमावली सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि इंजनीयरिंग में डिप्लोमा होल्डर हैं।

इसलिए सरकार के अधीन जेई पद पर नियुक्ति पाने की पूर्ण योग्यता रखते हैं लेकिन सरकार उनका चयन न करके बिना योग्यता और चयन प्रकिया को अनदेखा कर अयोग्य लोगों को नियुक्त कर रही है, जो सरासर गलत है।

इस मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायधीश न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ ने अस्थायी कार्मिकों के नियमितीकरण की नियमावली 2013 पर रोक लगा दी है। खण्डपीठ ने अगली सुनवाई दस दिन तय की है।