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तमिल पत्रिका के संपादक के खिलाफ मामले पर अदालत ने लगाई रोक

चेन्नई : मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित की गरिमा को कथित रूप से कम करने वाला लेख प्रकाशित करने पर एक तमिल पत्रिका के संपादक के खिलाफ निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी है। 

‘नक्कीरन’ के संपादक आर गोपाल को अंतरिम राहत देते हुए न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश ने कहा कि यह देश की स्वतंत्रता के बाद पहला मामला होगा जहां अदालत को यह विचार करने के लिये कहा गया है कि क्या किसी प्रकाशन का स्वत: यह प्रभाव है कि यह राज्यपाल को उनकी कानून सम्मत शक्तियों और कर्तव्यों के निर्वहन से रोके। 

गोपाल को पिछले साल नौ अक्टूबर को भारतीय दंड संहिता की धारा 124 के तहत गिरफ्तार किया गया था। 

यह धारा “राष्ट्रपति, राज्यपाल आदि को उनकी कानूनी शक्तियों के निर्वहन से रोकने के लिये बाधित करने के मकसद” से संबंधित है। गोपाल की गिरफ्तारी को लेकर विवाद था। 

गोपाल को हालांकि गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया क्योंकि अदालत ने पुलिस की उन्हें हिरासत में लेने की याचिका खारिज कर दी थी।