मुंबई में चक्रवाती तूफान निसर्ग का कहर खत्म, कम हुई हवाओं की रफ्तार

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मुंबई और महाराष्‍ट्र के लिए बड़ी राहत की खबर है। चक्रवाती तूफान निसर्ग का खतरा लगभग खत्म हो चुका है। हालांकि बारिश और तेज हवाएं जारी रहेंगी लेकिन हवाओं की गति 50 किमी/घंटे से ज्‍यादा नहीं रहेगी।

मुंबई और महाराष्‍ट्र के लिए बड़ी राहत की खबर है। चक्रवाती तूफान निसर्ग का खतरा लगभग खत्म हो चुका है। हालांकि बारिश और तेज हवाएं जारी रहेंगी लेकिन हवाओं की गति 50 किमी/घंटे से ज्‍यादा नहीं रहेगी। इससे पहले तूफान निसर्ग अलीबाग के तट से टकराया। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ टूटकर गिर गए।
तूफान के मद्देनजर बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर ट्रैफिक की आवाजाही रोक दी गई। महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की 21 टीमें तैनात की गई हैं। मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। ऐसे में लोगों को घरों से बाहर ना निकलने की सलाह दी गई है।
वही साइक्लोन निसर्ग के केंद्रबिंदु ने लैंडफॉल का चरण पूरा कर लिया है। निसर्ग तूफान महाराष्‍ट्र से गुजर चुका है और गुजरात की ओर बढ़ गया है. यही नहीं, इसकी तीव्रता भी कम हो गई है। वही गुजरात के दक्षिणी तट में, अभी तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। राज्य के राहत आयुक्त हर्षद पटेल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अरब सागर के पास स्थित वलसाड और नवसारी जिलों में हवा की गति सामान्य रही।
हालांकि अगले तीन घंटे में हवा की गति बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है क्योंकि चक्रवात उत्तर पूर्व महाराष्ट्र की ओर बढ़ रहा है।’’ उन्होंने कहा कि अभी तक किसी अप्रिय घटना या किसी मनुष्य को चोट लगने की सूचना नहीं है। पटेल ने कहा, ‘‘वलसाड और नवसारी में सुबह से क्रमश: दो मिलीमीटर और सात मिलीमीटर वर्षा हुई है।

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स्थिति नियंत्रण में है।’’ पटेल ने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर अभी तक आठ जिलों में तट के पास रहने वाले 63,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि इनमें से 33,680 लोगों को वलसाड जिले से निकाला गया है, वहीं 14,400 लोगों को नवसारी में, सूरत में 8,727 लोगों को, भावनगर में 3,066 लोगों को, अमरेली में 2,086 लोगों को, भरूच में 12,020 लोगों को, आणंद में 761 लोगों को और गिर-सोमनाथ में 228 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 18 टीमों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की छह टीमों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है।

Desk Team