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गांव व किसान का विकास बिना देश की संर्पूण विकास कल्पना व्यर्थ : वेंकैया नायडू

रांची : आज भारत आगे बढ़ रहा है, लेकिन जब तक किसान व गांव का विकास नहीं होगा, तब तक संपूर्ण विकास की कल्पना व्यर्थ है। आज झारखण्ड जैसे कृषि प्रधान राज्य में किसानों की आर्थिक समृद्धि और खेती को लाभदायक बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ करते हुए मुझे खुशी हो रही है। खुशी इस बात की भी है कि यहां के किसान केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से लाभान्वित हो रहें हैं। वैसे भी केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य कृषि को लाभदायक बनाना होना चाहिए।

अन्नदाता की आय को दोगुना करने का प्रयास सरकार का होना चाहिए। यह हो भी रहा है इसके लिए गंभीर प्रयास हो रहें हैं। यह ऐतिहासिक योजना किसानों के लिए अवश्य लाभकारी साबित होगा। ये बातें हरमू मैदान में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के शुभारंभ  कर उपराष्ट्रपति  एम वेंकैया नायडू ने कहा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि कृषि का क्षेत्र प्रकृति पर आधारित है। लेकिन किसानों को एक मजबूत आधार प्रदान करने हेतु फसल बीमा योजनाए सिंगल विंडो सिस्टम के साथ साथ किसानों के हित मे कई योजनाएं संचालित हैं। वनवासियों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कार्य हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के सम्मलित प्रयास से किसानों का कल्याण सुनिश्चित हो रहा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पूरे देश में जल संचयन हेतु जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ताकि भूगर्भीय जल सुरक्षित हो। झारखण्ड में भी उस दिशा में कार्य हो रहें हैं। जल संचयन, डीप बोरिंग, परकोलेशन टैंक का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार सरकार द्वारा किया जा रहा है जल संचयन में और किसानों के लिए लाभदायक साबित होगा। कृषि के क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन होना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहा कि प्रदेश के 13 लाख 60 हजार 380 किसानों के खाते में आज प्रथम किस्त के तहत 442 करोड़ रुपये भेज दिए गए हैं।

किसान भाई के लिए उक्त राशि कृषि कार्य हेतु जरूरी संसाधन जुटाने में सहायक होगा। यह सब किसानों के सशक्तिकरण हेतु किया जा रहा है। क्योंकि राज्य के 76: लोग ग्रामीण क्षेत्र में निवास करते हैं कुल भूमि का 68 प्रतिशत कृषि एवं संबंधित कार्य पर आधारित हैए करीब 83 प्रतिशत खेत 5 एकड़ से कम आकार के हैं जो कुल भूमि का 37 प्रतिशत है। राज्य के किसान आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कर्ज के जल में घिर जाते हैं। यही वजह है कि केंद्र व राज्य सरकार ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प को मूर्तरूप देने हेतु राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना लागू की गई, जिसका आज शुभारंभ किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2019 तक राज्य के 35 लाख किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के तहत 2 हजार करोड़ एवं राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत 3 हजार करोड़ यानी 5 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को विपरीत परिस्थितियों में हुई फसल की क्षति की भरपाई करने हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी चलाई जा रही है। किसानों को यह जानकर खुशी होगी कि वर्ष 2018 से इस योजना में प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है।

किसानों को इसके लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ता है। वर्ष 2018 में खरीफ  मौसम में फसल के बीमा करने हेतु सरकार द्वारा लगभग 64.00 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के प्रीमियम मद में किया गया और 2019 में 70 करोड़ रुपये का प्रावधान बीमा के लिए किया गया है। किसानों के ऋण भार को कम करने के लिए सरकार द्वारा ब्याज अनुदान योजना चलाई जा रही है। इस योजना में कृषकों को कृषि कार्य हेतु दिए गए अल्पकालीन कृषि ऋण पर कृषि ऋण के भुगतान में अतिरिक्त 3 प्रतिशत का सूद माफ किया जाता है। इस योजना हेतु राज्य सरकार द्वारा 2019 में 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को कृषि संबंधित नई तकनीक मौसम पूर्वानुमान एवं प्राकृतिक आपदाओं तथा बाजार व्यवस्था की अद्यतन जानकारी हेतु मोबाइल फोन वितरण की योजना शुरू की गई है। वर्ष 2018 में लगभग 7000 मोबाइल फोन का वितरण किया गया एवं 2019 में 50000 मोबाइल फोन वितरण करने का लक्ष्य है। इस योजना में किसानों को मोबाइल फोन हेतु 2000 रुपए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही राज्य भर में 207 कृषि सिंगल विंडो सिस्टम की स्थापना की गई है। राज्य में अब तक 17 लाख से ज्यादा किसानों को साइल हेल्थ कार्ड दिए गए हैं। छोटे और सीमांत किसानों को 45 हजार से ज्यादा पंपसेट वितरित किए गए हैं। कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया जाता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान 8 हजार 500 करोड़ रुपये का उत्पादित फसलों का निर्यात कर रहें। उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि .4 प्रतिशत का कृषि विकास दर आज साढ़े 4 वर्ष बाद 14 प्रतिशत हो गया। अब राज्य किसान अन्न भंडार तो भरेंगे ही राज्य के खजना भी भरेंगे। हम सब को मिलकर सोचना होगा कि हमारी कृषि व्यवस्था में मूल्यवृद्धि कैसे हो,वैल्यू एडिसन कैसे हो। 

इस अवसर पर राज्य के कृषि मंत्री  रणधीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना  के तहत राज्य के एक से पांच एकड़ तक की भूमि वाले 35 लाख किसानों को सरकार द्वारा न्यूनतम पांच हजार और अधिकतम 25 हजार रुपये दिए जाएंगे, साथ ही साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, इस तरह से दोनों योजनाओं से झारखंड के किसानों को हर साल कम से कम 11 हजार और अधिकतम 31 हजार रुपये का लाभ मिल सकेगा। 

श्री सिंह ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत प्रथम किस्त की राशि राज्य के 8.06 लाख किसानों को डीबीटी के माध्यम से भेजी जा चुकी है़। इस अवसर पर संबोधन करते हुए कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री  रघुवर दास के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना, राज्य के किसानों की समृद्धि के लिए संजीवनी साबित होगी, इस योजना के तहत किसानों को मिलने वाली निर्धारित राशि का लाभ उनके बैंक अकाउंट में सीधे डीबीटी के माध्यम से दिए जाने वाली पहली योजना है, इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी जिलों में उपायुक्तों की टीम 24 घंटे डाटा एंट्री और अपडेशन करने का कार्य कर रही है।  उन्होंने कहा कि आज सभी जिलों में कार्यक्रम किया जा रहा है, इस योजना को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया है,आज से कृषि आशीर्वाद योजना के पोर्टल पर किसान अपना अकाउंट नंबर पब्लिक डोमेन में डालेंगे तो उन्हें यह पता चल पाएगा कि उनको कितनी राशि स्वीकृत की गई है।

इस अवसर पर  राज्यसभा के उपसभापति  हरिवंश राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, रांची सांसद  संजय सेठ, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, खिजरी विधायक रामकुमार पाहन, मंडार विधायक श्रीमती गंगोत्री कुजूर,मेयर श्रीमती आशा लकड़ा, मुख्यसचिव डी के तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल,  निदेशक  छवि रंजन व हजारों की संख्या में किसान उपस्थित थे।