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पूर्व मुख्यमंत्री के सहयोगी पर आय से अधिक संपत्ति का मामला, अन्नाद्रमुक आगबबूला

सतर्कता विभाग ने आय से अधिक संपत्ति मामले में सेलम के अन्नाद्रमुक नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी के करीबी माने जाने वाले आर इलानगोवन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और शुक्रवार को तमिलनाडु के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की ।

अन्नाद्रमुक ने की छापेमारी की निंदा

अन्नाद्रमुक ने प्राथमिकी और छापेमारी की कार्रवाई की निंदा की और कहा कि जनता जल्द ही राजनीतिक बदले की ऐसी कार्रवाई पर पूर्ण विराम लगा देगी।

 29.77 लाख रुपये की नकदी और अन्य दस्तावेज जब्त

सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी इकाई ने इलानगोवन के खिलाफ एक अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2020 के बीच कथित रूप से 3.78 करोड़ रुपये ज्ञात स्रोतों से अधिक हासिल करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। एजेंसी ने बताया कि अन्नाद्रमुक नेता के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और तलाशी अभियान के दौरान 29.77 लाख रुपये की नकदी और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

इलानगोवन (57) तमिलनाडु राज्य एपेक्स सहकारी बैंक और सेलम जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे हैं। वह सेलम ग्रामीण जिले में अन्नाद्रमुक की इकाई ‘पुरुची थलाइवी अम्मा पेरावई’ के सचिव हैं।

एजेंसी ने इलानगोवन को पहला आरोपी बनाया है जबकि उनके बेटे ई प्रवीण कुमार को ‘उकसाने’ के आरोप में दूसरा आरोपी बनाया है। कुमार शैक्षणिक न्यास के उपाध्यक्ष हैं।

मामले में 21 अक्टूबर को दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक आशंका हैं कि दो लोगों जिनका नाम आरोपी के तौर पर दर्ज है, उन्होंने तमिलनाडु के विभन्न स्थानों और राज्य के बाहर ‘‘और कई बेनाती संपत्ति’ बनाई है। इसमें कहा गया है, सूचना है कि उन्होंने तिरुचिरापल्ली जिले में न्यास द्वारा संचालित कॉलेज और संस्थान में ‘‘गलत तरीके से प्राप्त धन का निवेश किया है।’’

जानकारी के मुताबिक सेलम, कोयंबटूर, नमक्कल, चेन्नई, करुर और तिरुचिरापल्ली जिलों में 36 परिसरों की तलाशी ली गई। इनमें इलानगोवन और उनके बेटे, रिश्तेदारों एवं सहयोगियों के आवास व न्यास द्वारा संचालित कॉलेज एवं संस्थान शामिल हैं।

आधिकारिक विज्ञाप्ति में बताया गया, ‘‘तलाशी के दौरान 29.77 लाख रुपये की नगदी, 10 लग्जरी कार, दो बस, तीन कंप्यूटर हार्डडिस्क , 21.2 किलोग्राम स्वर्ण आभूषण, 282 किलोग्राम चांदी, बैंक पासबुक, संपत्ति के कागजात, बैंकों में जमा 68 लाख रुपये की पहचान की गई और मामले में संबंधित नगदी और दस्तावेज जब्त किए गए।’’

अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता के पलानीस्वामी ने छापेमारी की निंदा करते हुए इसे द्रमुक सरकार द्वारा राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य इलानगोवन की पदाधिकारी के तौर पर पार्टी गतिविधियों को रोकना है जो पार्टी नेतृत्व के विश्वासपात्र हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बयान जारी कर कहा कि अन्नाद्रमुक ‘जनता का महान आंदोलन’ है जिसने कई चुनौतियों को पार किया और उपलब्धि हासिल की है।

उन्होंने कहा कि द्रमुक सरकार, अन्नाद्रमुक को पटरी से उतारने का लगातार प्रयास कर रही है और उसकी इच्छा को पार्टी कार्यकर्ताओं ने विफल कर दिया है और जल्द ही जनता मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बदले की राजनीति पर पूर्ण विराम लगा देगी।

इलानगोवन पांचवें अन्नाद्रमुक नेता

गौरतलब है कि इलानगोवन पांचवें अन्नाद्रमुक नेता हैं जो मई 2021 में द्रमुक के सत्ता में आने के बाद सतर्कता विभाग की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।