सरायकेला : झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कृषि को अर्थव्यवस्था और संस्कृति की धुरी बताया और कहा कि खेती का विकास कर किसानों की आय दुगुनी करना राज्य सरकार का लक्ष्य है। श्री दास ने यहां दुगनी बराज परियोजना के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना के माध्यम से ना केवल किसानों के खेतों की सिंचाई चाहती है बल्कि घर-घर पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति करना भी है।

सरकार का प्रयास है किसी की भूमि इस योजना में नहीं ली जाए। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर कार्य आरंभ करवा दें। साथ ही कार्य की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। इसकी जानकारी उन्हें समय समय पर मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 60 प्रतिशत जनता गांव में निवास करती है, जिनकी आजीविका कृषि पर निर्भर है। ऐसे में जल का प्रबंधन सिंचाई और पेयजल के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

राज्य सरकार जल प्रबंधन के लिए क्रियाशील है। यही वजह रही कि उनकी सरकार बनने के बाद सिंचाई के लिए मध्यम और लघु योजनाओं पर ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि मध्यम सिंचाई योजना के तहत पांच नई योजना कोडरमा, डहरवाली, बुढई एवं अन्य योजना 1058 करोड़ रुपये की लागत से प्रारम्भ कराया गया। लघु सिंचाई योजना के तहत 931 करोड़ की योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है।