वर्तन निदेशालय (ईडी) ने तमिलनाडु के मदुरै में करोड़ों के ग्रेनाइट उत्खनन घोटाले में बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री एम. के. अलागिरी के बेटे अलागिरी दयानिधि की कंपनी की 40.34 करोड़ की चल-अचल संपत्ति कुर्क की। ईडी ने अवैध ग्रेनाइट खनन मामले में धनशोधन अधिनियम के तहत ओलंपस ग्रेनाइट्स प्राइवेट लिमिटेड व अन्य की संपत्तियों को कुर्क किया है जिनमें जमीन, भवन और फिक्सड डिपॉटिज भी शामिल हैं।

तमिलनाडु पुलिस ने ओलंपस ग्रेनाइट्स, इसके प्रमोटरों, निदेशकों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी और आरोपपत्र दायर किया है। ईडी इसी के आधार पर धनशोधन रैकेट की जांच के लिए कंपनी के खिलाफ जांच कर रहा है। तमिलनाडु पुलिस ने ओलंपस ग्रेनाइट्स के साझेदारों दयानिधि व एस.नारराजन के भी खिलाफ सरकारी जमीनों के अतिक्रमण, अवैध रूप से भारी मात्रा में ग्रेनाइट निकाल ले जाने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने मदुरै जिले में, खासकर मेलुर तालुक में अवैध खनन के मामले में नब्बे लोगों पर केस दर्ज किया है। अभी तक पुलिस मेलुर मजिस्ट्रेट अदालत में सत्तर मामलों में आरोपपत्र दायर कर चुकी है।

ईडी ने एक बयान में कहा है, ‘कंपनी, इसके शेयरधारक एस.नागराजन और अलागिरी दयानिधि ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर टीएएमआईएन पट्टा भूमि पर अवैध खनन गतिविधियों की साजिश रची और इसे अंजाम दिया तथा ऐसा कर सरकार को नुकसान पहुंचाया।’ करोड़ों के ग्रेनाइट घोटाले को साल 2012 में मदुरै के तत्कालीन कलेक्टर थिरु यू. सगायम द्वारा उजागर किया गया था। उन्होंने इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट सरकार को भेजकर इसकी मुकम्मल जांच कराने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा था कि अवैध ग्रेनाइट खनन से सोलह हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।