BREAKING NEWS

नागालैंड: सुरक्षाबलों की फायरिंग में 13 लोगों की मौत, ग्रामीणों ने फूंकी गाड़ियां, CM ने दिए SIT जांच के निर्देश ◾हिंदू-मुसलमान के बीच कटुता के लिए वामपंथी और कांग्रेस जिम्मेदार : CM हिमंत बिस्वा सरमा◾ओमीक्रोन खतरे के बीच दिल्ली पुलिस अलर्ट, सुरक्षा को लेकर दिए कई आदेश◾स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 राज्यों को लिखा पत्र, कोविड संक्रमण पर अंकुश लगाने का किया आग्रह ◾Delhi Weather Update : धुंध की वजह से कम हुई विज़िबिलिटी, आज शाम तक बारिश के आसार, बढ़ेगी ठंड◾मथुरा : 6 दिसंबर से पहले प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, छावनी में तब्दील हुई कृष्ण नगरी◾चीन की बढ़ती क्षमताओं के परिणाम ‘गहरे’ हैं : जयशंकर◾जो ‘नया कश्मीर’ दिखाया जा रहा है, वह वास्तविकता नहीं है : महबूबा◾मछुआरों की चिंताओं और मत्स्यपालन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी कांग्रेस : राहुल गांधी◾ सिद्धू ने फिर अलापा PAK राग! बोले- दोनो देशों के बीच फिर शुरू हो व्यापार◾भारत पर ओमीक्रॉन का वार, कर्नाटक-गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में भी दी दस्तक, देश में अब तक चार संक्रमित ◾गोवा में बोले केजरीवाल- सभी दैवीय ताकतें एकजुट हो रही हैं और इस बार कुछ अच्छा होगा◾मध्य प्रदेश में तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव, EC ने तारीखों का किया ऐलान ◾कल्याण और विकास के उद्देश्यों के बीच तालमेल बिठाने पर व्यापक बातचीत हो: उपराष्ट्रपति◾वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ का हआ निधन, दिल्ली के अपोलो अस्पताल में थे भर्ती◾ MSP और केस वापसी पर SKM ने लगाई इन पांच नामों पर मुहर, 7 को फिर होगी बैठक◾ IND vs NZ: एजाज के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर भारी पड़े भारतीय गेंदबाज, न्यूजीलैंड की पारी 62 रन पर सिमटी◾भारत में 'Omicron' का तीसरा मामला, साउथ अफ्रीका से जामनगर लौटा शख्स संक्रमित ◾‘बूस्टर’ खुराक की बजाय वैक्सीन की दोनों डोज देने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत, विशेषज्ञों ने दी राय◾देहरादून पहुंचे PM मोदी ने कई विकास योजनाओं का किया शिलान्यास व लोकार्पण, बोले- पिछली सरकारों के घोटालों की कर रहे भरपाई ◾

तमिलनाडु : 0-12 आयु वर्ग के बच्चों के कोरोना संक्रमित होने की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग में भय का माहौल

तमिलनाडु का स्वास्थ्य विभाग मई के अंत तक कोविड-19 की दूसरी लहर के चरम पर पहुंचने की उम्मीद कर रहा है। इस बीच, राज्य में 0-12 आयु वर्ग के कुछ और बच्चों के पॉजिटिव टेस्ट आने के बाद प्रशासन चिंतित है। डॉक्टरों की राय है कि अधिक नवजात शिशु भी पॉजिटिव टेस्ट हो रहे हैं और कोविड के कारण संक्रमित होने वाले बच्चों का प्रतिशत पहली की तुलना में दूसरी लहर के दौरान अधिक है।

स्वास्थ्य विभाग के एक अध्ययन से पता चला है कि तमिलनाडु में प्रतिदिन लगभग 1,000 से 1,300 बच्चे पॉजिटिव टेस्ट कर रहे हैं। डॉ. एस. श्रीनिवासन, नोडल अधिकारी- बाल स्वास्थ्य, तमिलनाडु राज्य ने कहा, पॉजिटिव टेस्ट करने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है। जब माता-पिता पॉजिटिव टेस्ट होते हैं, तो बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं। हालांकि अच्छी खबर यह है कि जहां बच्चे प्रभावित हो रहे हैं, वहीं कुछ मामलों को छोड़कर यह बीमारी बच्चों के लिए ज्यादा खतरा नहीं बन रही है।

मदुरै के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ मनोनमणि अरुण ने कहा, बेशक इस बीमारी से संक्रमित होने वाले नवजात बच्चों सहित बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन मामले घातक नहीं हो रहे हैं और यह स्वागत योग्य है। बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता उनके बीच बीमारी के न बढ़ने का कारण हो सकता है। उन्होंने कहा, दुर्भावनाओं, पुरानी बीमारियों और प्रतिरक्षा समस्याओं वाले अन्य बच्चों को संरक्षित किया जाना चाहिए क्योंकि इन बच्चों के एक बार संक्रमित होने के बाद घातक होने का अधिक जोखिम होगा और इसलिए इसे रोकने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए।

इरोड के एक निजी अस्पताल के नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ राजेश नित्यानंद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हमारी टीम के एक अध्ययन से पता चला है कि पहली लहर के दौरान भी कई नवजात शिशुओं का पॉजिटिव टेस्ट था, लेकिन वे कम लक्षण वाले थे लेकिन अब दूसरी लहर के दौरान नवजात शिशुओं में लक्षण दिखाई दे रहे हैं और बहु-प्रणाली सूजन सिंड्रोम (एमआईएस-सी) वाले नवजात शिशुओं के एक या दो मामले जो आमतौर पर बड़े बच्चों में देखे जाते थे। डॉक्टरों की राय है कि जिन गर्भवती महिलाओं में बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, उन्हें डॉक्टरों को अपनी चिकित्सा स्थिति के बारे में बताना चाहिए क्योंकि हल्के संक्रमण से भी बच्चे पर असर पड़ सकता है। 

चेन्नई के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ लक्ष्मी सुरेश ने कहा, हम प्रसव से पहले सभी गर्भवती महिलाओं का टेस्ट कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चे को खतरा है या नहीं और हम प्रसव के 48 घंटे बाद बच्चे का टेस्ट करने की सलाह देते हैं। नियोनेटोलॉजिस्ट ने एक स्वर में कहा कि माता-पिता को नवजात शिशुओं में मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस-सी) पर ध्यान देना चाहिए जो बुखार, दस्त और चिड़चिड़ापन का फिर से प्रकट होना है।