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कोरोना काल में दूसरी बार मुख्यमंत्री बने विजयन शपथ ग्रहण समारोह को लेकर हुए ट्रोल, जानिए क्या है जनता की राय

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने लगातार दूसरी बार सत्ता बरकरार रखने वाले पहले व्यक्ति बनकर इतिहास रच दिया है, लेकिन दूसरी पारी की शुरूआत से पहले ही लोगों ने बातें करना शुरु कर दिया है। लोगों का कहना है कि जब केरल कठिन हालात से गुजर रहा है और राज्य में तीसरा लॉकडाउन लगा है, तो उन्हें भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की क्या जरूरत है। शपथ ग्रहण समारोह 70,000 वर्ग फुट के एक अस्थायी पंडाल में होगा, जो गुरुवार को राज्य सचिवालय के बगल में स्थित सेंट्रल स्टेडियम में मौजूद है और वहां जमकर तैयारियां चल रही हैं।

हर बार जब विजयन से मीडिया द्वारा आमंत्रित लोगों की अपेक्षित संख्या के बारे में पूछा जाता है, तो उनका कहना है कि वह उचित समय पर ऐसी सभी चीजों के बारे में कहेंगे। हालांकि, अपुष्ट रिपोटरें का कहना है कि शपथ ग्रहण के लिए लगभग 700 लोगों के आने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट के वकील एमआर अभिलाष ने कहा, '' एक तरफ विजयन सभी को घर के अंदर रहने की सलाह देते हैं और साथ ही कहते है कि केवल अत्यधिक आपात स्थिति में ही बाहर निकलना चाहिए क्योंकि राज्य में जंगल की आग की तरह कोविड के फैलने के बाद ट्रिपल लॉकडाउन समय की जरूरत है।''

अभिलाष ने पूछा, '' वह कहते हैं कि शादियों और अंतिम संस्कारों के लिए केवल न्यूनतम लोगों को ही अनुमति दी जाती है।लेकिन हम सभी ने देखा कि उन्होंने खुद नियमों को तोड़ा जब उन्हें तीन अंतिम संस्कार में देखा गया था। उन्हें आदर्श होना चाहिए और उदाहरण के लिए नेतृत्व करना चाहिए। अब हम सुनते हैं कि उनका शपथ ग्रहण भव्य तरीके से होने जा रहा है। क्या उनके लिए ऐसा करना यह सही है।'' विजयन जिस तरह से आगे बढ़ रहे हैं, कई लोगों ने उन पर सोशल मीडिया के जरिए नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कोविड प्रेस ब्रीफिंग में कठिन प्रोटोकॉल के साथ आगे बढ़ने के निर्णय की घोषणा की। इसके तहत सभी को घरों के अंदर भी सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया था।

अर्थशास्त्री मैरी जॉर्ज ने कहा, '' जरा उस पैसे को देखिए जो शपथ ग्रहण के लिए इतनी बड़ी जगह बनाने पर खर्च किया जा रहा है।'' जॉर्ज ने कहा, '' विजयन को एक अस्थायी स्थान पर जाने की क्या आवश्यकता है, जब समारोह राजभवन में बहुत सीमित संख्या में आयोजित किया जा सकता है। किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि मार्च में वेतन और पेंशन का भुगतान करने के लिए, राज्य 1,000 करोड़ रुपये उधार लेना पड़ा था। '' इस बीच, मांगें उठी हैं कि विजयन को टीकाकरण केंद्र के लिए विशाल शपथ ग्रहण स्थान का उपयोग करना चाहिए। विजयन से यह भी पूछा गया कि ममता बनर्जी ने कैसे शपथ ली और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना का हाल ही में शपथ ग्रहण समारोह कैसे हुआ।

तमिलनाडु के पूर्व मुख्य सचिव पी.सी. सिरिएक ने कहा कि यह देखना दुर्भाग्यपूर्ण है कि विजयन इस तरह से काम कर रहे है। इस बीच अब जब विरोध और तेज हो रहा है, तो सभी की निगाहें विजयन पर टिकी हैं कि क्या वह जनता की भावनाओं पर चलते हैं और कम से कम दर्शकों के साथ शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करेंगे। लेकिन, जो लोग विजयन को जानते हैं, वे अब भी कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।