उत्तरकाशी : गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट के पावन पर्व पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस दौरान श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में कर सकेंगे । श्री गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि मंदिर के कपाट विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद दोपहर 12:30 बजे अमृत बेला के शुभ अवसर पर बंद कर दिए गए। उन्होंने बताया कि कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली शीतकालीन पड़ाव स्थल मुखीमठ या मुखवा गांव के लिए रवाना हुई जो कल अपने गंतव्य पर पहुंचेगी।

आगामी छह माह तक मुखवा स्थित मां गंगा मंदिर में ही पूजा अर्चना की जाएगी। जैसे ही मां गंगा की डोली मंदिर परिसर से बाहर निकली तो पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। सेना की महार रेजिमेंट के जवानों के बैंड की धुन और परंपरागत ढोल दमाऊं की थाप के साथ तीर्थ पुरोहित गंगा की डोली को लेकर शीतकालीलन प्रवास मुखवा गांव के लिए पैदल रवाना हुए। जहां रात्रि विश्राम के लिए मां गंगा की डोली मुखवा से चार किमी पहले चंदोमति के देवी के मंदिर में पहुंचेगी।

नौ नवंबर की सुबह गंगा जी की डोली मुखीमठ स्थित गंगा मंदिर में पहुंचेगी। जहां आगामी छह माह के लिए मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना की जायेगी। जहां देश विदेश् से आने वाले श्रद्धालु मां गंगा के दर्शनों के भागीदार बन सकेंगे। मंदिर के कपाट बंद होने के दौरान गंगोत्री के विधायक गोपाल रावत, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारी और जिलाधिकारी आशीष चौहान मौजूद थे ।