पटना : पूर्व केन्द्रीय मंत्री शहीद जगदेव सेना ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नागमणि संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मैं 8 फरवरी 2019 को अपने पिता बिहार लेलिन शहीद जगदेव प्रसाद की नई प्रतिमा का अनावरण में जगदेव पथ, बेली रोड, पटना पथ निर्माण विभाग ने आमंत्रण में गया था प्रतिमा का अनावरण बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों होना था। अनावरण के बाद कुछ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बंध्या ने मुझसे मुख्यमंत्री के बारे में पूछा तो मैंने कहा कि नीतीश कुमार का पांच साल का कार्यकाल बहुत ही अच्छा रहा है। आजादी के बाद इनके कार्यकाल में सबसे अध्कि विकास हुआ है और इस सरकार एवं पार्टी में उपेन्द्र कुशवाहा भी साथ थे।

लेकिन उपेन्द्र कुशवाहा के साथ हम चट्टान की तरह एक जूट हैं। उपेन्द्र कुशवाहा-नागमणि की जोड़ी को दूनिया की कोई भी ताकत अलग नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि कोई मेरे पिता के अनावरण में आये और क्या हम उसे बेईज्जत कर विदा करें? हम सम्मान देने वाले लोग हैं। श्री नागमणि ने कहा कि उपरोक्त प्रतिमा अनावरण के इंतजार में कई महीनों से ढका पड़ा था। मैंने पूर्व में तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा को बाबुजी की नई प्रतिमा का अनावरण करने हेतु अनेकों बार आग्रह किया, लेकिन वो समय दे देकर हमेशा टाल-मटोल करते रहे। अन्तोगत्वा पथ निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय किया और 8 फरवरी 2019 को शहीद जगदेव बाबु की नई प्रतिमा का अनावरण हो गया।

मैं रालोसपा में शामिल होने से पहले नहीं जानता था कि उपेन्द्र कुशवाहा को बिहार लेलिन अमर शहीद जगदेव बाबु से इतनी एलर्जी है कि मुझे सिर्फ अनावरण में भाग लेने से ही इनकी इतनी मानसिक संतुलन बिगड़ जायेगा कि मुझे पार्टी से बर्खास्त करने तक इतने नीचे स्तर पर गिर जायेंगे। श्री नागमणि ने कहा कि अगर उनको जगदेव बाबु से इतनी एलर्जी थी तो मुझे पार्टी में शामिल करने से पहले ही बोल दिये होते। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वो लोक सभा के चुनाव को देखते हुए शहीद जगदेव बाबु के राजनीति विरासत को पतन करना चाहते हैं। श्री नागमणि ने डंके की चोट पर कहा कि बिहार में शहीद जगदेव बाबु को दरकिनार कर एवं अपमानित कर कोई राजनीति नहीं सकता। उन्होंने कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा को बहुत जल्द इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।