नई टिहरी : बसंत पंचमी के पावन पर्व पर बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि घोषित की गई। नरेंद्र नगर राजमहल में पूजा पाठ के बाद ग्रह नक्षत्रों को देखते हुए तीर्थ पुरोहित ने कपाट खोलने की तिथि की घोषणा की। बदरी विशाल के कपाट 10 मई को सुबह 4 बजकर 15 मिनट पर पूरे विधान के साथ खोले जाएंगे। जिसके बाद श्रद्धालु भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर सकेंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को खोले जायेंगे। जबकि केदारनाथ धाम के कपाट खोलने का शुभ मुहूर्त शिवरात्रि के दिन उखीमठ में तय किया जाएगा।

इस अवसर पर टिहरी सांसद महारानी माला राजेलक्ष्मी शाह, मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, रावल इश्वर प्रसाद नंबोदरी, मुख्य कार्याधिकारी डीबी सिंह, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, आसुतोष डिमरी, टीका प्रसाद डिमरी, हेमचंद डिमरी, सुधीर डिमरी, दिनेश डिमरी के अलावा काफी संख्या में नगर के लोग मौजूद रहे। वहीं बदरी-केदार मंदिर समिति के धर्मधिकारी ने बताया की कपाट खुलने की तिथि निकलने के साथ ही चारधाम यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं।

उन्होंने कहा की यात्रियों की सुविधा के लिए सभी तरह के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया की इस बार बद्रीनाथ धाम में बहुत अधिक बर्फबारी हुई है। जिसके कारण आसपास के पहाड़ियों में पूरी तरह से बर्फ जमी है। जिसका इस बार यात्री आनंद ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि यात्रियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाये।

तिलों का तेल निकालने की रस्म 24 अप्रैल को राजमहल पूरी होगी : रविवार को बसंत पंचमी पर्व पर सुबह करीब साढ़े दस बजे राजमहल में विधिवत पूजा-अर्चना शुरू की गई। पूजा में राजा मनुजेंद्र शाह के प्रतिनिधि के तौर पर उनकी बेटी श्रीजा शामिल हुई। करीब एक घंटे तक पूजा चली इसके बाद पंडित कृष्ण प्रसाद उनियाल ने पंचांग व गणेश पूजा के बाद राजा की ओर से बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलने की घोषणा की।