BREAKING NEWS

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने किया सोनभद्र का दौरा, पीड़ितों से जल्द मिलेंगी प्रियंका गांधी◾IT ने नोएडा में मायावती के भाई और भाभी का 400 करोड़ का 'बेनामी' भूखंड किया जब्त◾सोनभद्र प्रकरण : मृतकों की संख्या 10 हुई, UP पुलिस ने 25 लोगों को किया गिरफ्तार ◾विधानसभा में ही डटे बीजेपी MLA◾कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत पर चर्चा के दौरान हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक स्थगित - विस अध्यक्ष◾Top 20 News 18 July - आज की 20 सबसे बड़ी ख़बरें◾कुलभूषण जाधव मामले में ICJ का फैसला भारत के रुख की पुष्टि : विदेश मंत्रालय ◾BJP में शामिल हुए पूर्व कांग्रेस नेता अल्पेश ठाकोर, जीतू वघानी ने दिलाई सदस्यता◾कर्नाटक संकट : सिद्धारमैया ने कहा-SC के पिछले आदेश के स्पष्टीकरण तक फ्लोर टेस्ट करना उचित नहीं◾कर्नाटक : CM कुमारस्वामी ने पेश किया विश्वास मत प्रस्ताव◾CM केजरीवाल का बड़ा ऐलान- अनधिकृत कॉलोनियों के मकानों की होगी रजिस्ट्री◾मुंबई पुलिस ने दाऊद इब्राहिम ने भतीजे रिजवान कासकर को किया गिरफ्तार◾मायावती के भाई आनंद कुमार के खिलाफ IT विभाग की कार्रवाई, 400 करोड़ का प्लॉट जब्त◾येद्दियुरप्पा ने किया दावा, बोले- सौ फीसदी भरोसा है कि विश्वास मत प्रस्ताव गिर जाएगा◾22 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर लॉन्च होगा चंद्रयान-2◾सरकार कुलभूषण जाधव की सुरक्षा और जल्द भारत लाने की कोशिश जारी रखेगी : जयशंकर ◾अयोध्या मामला : SC का आदेश, 2 अगस्त से होगी सुनवाई◾रामनाथ कोविंद ने नौ क्षेत्रीय भाषाओं में फैसले उपलब्ध कराने के प्रयासों की प्रशंसा की ◾कुलभूषण जाधव मामले में ICJ के फैसले की पकिस्तान PM इमरान ने की सराहना◾राहुल गांधी बोले- फिर उम्मीद जगी है कि जाधव एक दिन भारत लौटेंगे◾

अन्य राज्य

आपदा राहत में गोलमाल की लोकपाल से शिकायत

मसूरी : उत्तराखंड में वर्ष 2013 में आई प्राकृतिक आपदा घोटाले का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। मसूरी के अधिवक्ता रमेश जायसवाल ने हाल ही में गठित लोकपाल भारत को पत्र देकर जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में पांच हजार करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ है। सीएजी कैग ने भी इसमें अनियमितता की बाद स्वीकारी है, जिससे मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए व सीबीआई से जांच करवाई जानी चाहिए।

पत्रकारों को जानकारी देते हुए अधिवक्ता रमेश जायसवाल ने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड आपदा में किस संस्था से कितने पैसे आये व कहां खर्च किेए गये इसकी पूरी जानकारी प्रदेश सरकार व केद्र सरकार के जिम्मेदार विभागों से मांगी थी, उसमें जो तथ्य सामने आये वह बड़े घोटाले की ओर इशारा करते हैं। जो पैसा आया उसके आंकडे़ उनके स्वयं के नहीं है बल्कि सूचना के अधिकार के तहत सरकारी विभागों से मांगे गये आंकड़े हैं।

उन्होंने कहा कि इस घोटाले की जांच के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री सचिवाल भारत सरकार, सचिव गृहमंत्रालय भारत सरकार, निदेशक एबीडी विभाग पर्सनल एवं ट्रेनिंग वित्त मंत्रालय भारत सरकार, नीति आयोग भारत सरकार, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ आदि से जानकारी मांगी व उसी के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका डाली थी जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने यह कह कर याचिका वापस कर दी कि वह पहले राज्य हाईकोर्ट में जायें।

उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की, जिस पर गृह मंत्रालय ने निदेशक एडीबी पर्सनल एवं ट्रेनिंग को मामला भेजा जो वहीं पर ठप्प हो गया। अब यह मामला लोकपाल भारत को भेजा गया है ताकि इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो सके।