BREAKING NEWS

गुजरात में चक्रवात तौकते का खतरा बरकरार, डेढ़ लाख लोगों को निचले तटीय क्षेत्रों में किया गया स्थानांतरित◾कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक के लिए पहले से लिया गया अप्वाइंटमेंट रहेगा वैध : केंद्र ◾CM केजरीवाल बोले- केंद्र एवं वैक्सीन निर्माताओं को लिखा पत्र, लेकिन दिल्ली को अभी टीका मिलने की कोई उम्मीद नहीं◾दिल्ली में कोरोना संक्रमण दर में आई गिरावट, 24 घंटे में 6456 नए केस और 262 की मौत◾देश में कोविड के 36,18,458 इलाजरत मरीज, संक्रमण दर 16.98 फीसदी: केंद्र सरकार◾केंद्र सरकार ने ग्रामीण एवं शहरों से सटे इलाकों में कोविड प्रबंधन पर जारी किए नए दिशा-निर्देश ◾हरियाणा में लॉकडाउन 24 मई तक बढ़ा, गृह मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर दी जानकारी◾राहुल का केंद्र पर वार- बच्चों की वैक्सीन क्यों भेज दी विदेश, अब मुझे भी करो गिरफ्तार ◾चक्रवाती तूफान के तेज होने की संभावना, कल शाम गुजरात के तट से टकराएगा तौकते, भारी बारिश की चेतावनी◾PM मोदी ने UP सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात, कोविड प्रबंधन पर हुई चर्चा◾दिल्ली में एक हफ्ते के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन, अब 24 मई सुबह 5 बजे तक रहेंगी पाबंदियां◾चक्रवाती तूफान ''तौकते'' गोवा के तटीय क्षेत्र से टकराया, शाह ने की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक ◾कोरोना को मात देने के लिए अब बनेगी स्पूतनिक v की सिंगल-डोज वैक्सीन, भारत में जल्द आएगा टीके का लाइट वर्जन◾हैदराबाद पहुंचा रुसी वैक्सीन SPUTNIK V का दूसरा जत्था, कोरोना महामारी के नए वेरिएंट पर भी प्रभावी◾देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट, पिछले 24 घंटे में 3.11 लाख केस, 4077 मरीजों ने तोड़ा दम◾कोरोना से ठीक होने के बाद कांग्रेस MP राजीव सातव का निधन, सुरजेवाला बोले- अलविदा मेरे दोस्त◾इजराइल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष जारी, गाजा में हमास नेता के घर बमबारी की◾कोरोना को रोकने के लिए कई राज्यों ने किया प्रतिबंधों में विस्तार, जानिए भारत में क्या है लॉकडाउन का हाल◾विश्व में कोरोना संक्रमितों से मरने वालों का आंकड़ा 33.6 लाख हुआ, US, ब्राजील समेत इटली प्रभावित◾पश्चिम बंगाल में कोरोना को काबू करने के लिए आज से लॉकडाउन जारी, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल और बार रहेंगे बंद ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

प्रकृति का शोषण ऐसे ही चलता रहा तो सृष्टि ही नहीं रहेगी : RSS प्रमुख

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हिंदू स्प्रिचुअल सर्विस फाउंडेशन की ओर से आयोजित प्रकृति वंदन कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से प्रकृति को जीतने की भावना त्यागने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-साढ़े तीन सौ साल में प्रकृति के शोषण से जो खराबी हुई है, अगर प्रकृति संरक्षण करेंगे तो सौ-दो सौ साल में उस खराबी को दूर किया जा सकता है। मोहन भागवत ने कहा कि हम भी प्रकृति के एक अंग है, इस बात को समझना होगा। 

हिंदू स्प्रिचुअल सर्विस फाउंडेशन का ये कार्यक्रम शनिवार को आयोजित किया गया था। संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा, पर्यावरण, यह शब्द आजकल बहुत सुनने को मिलता है, बोला भी जाता है और उसका एक दिन मनाने का भी एक कार्यक्रम है। उसका कारण है कि अभी तक दुनिया में जो जीने का तरीका है, वो पर्यावरण के अनुकूल नहीं है, वो तरीका प्रकृति को जीतकर मनुष्यों को जीना है, ऐसा मानता है। 

मोहन भागवत ने कहा, मनुष्य का पूरा अधिकार प्रकृति पर है, लेकिन उसका कोई दायित्व नहीं है। ऐसा हम गत दो-ढाई सौ साल से जी रहे हैं। उसके दुष्परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उसकी भयावहता अब दिख रही है। ऐसे ही चला तो सृष्टि में जीवन जीने के लिए हम लोग नहीं रहेंगे। यह भी हो सकता है कि सृष्टि भी नहीं रहेगी। और इसलिए मनुष्य अब विचार करने लगा, तो उसको लगा कि पर्यावरण का संरक्षण होना चाहिए। 

संघ के सरसंघचालक ने प्राचीन भारतीय संस्कृति में प्रकृति संरक्षण के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा, हमारे यहां कहा जाता है कि शाम को पेड़ों पर मत चढ़ो। क्योंकि पेड़ सो जाते हैं। हमारे यहां रोज चीटियों को दाना डाला जाता है। कुत्ते, पक्षियों को आहार दिया जाता था। हमारे यहां वृक्षों, नदियों, पर्वतों की पूजा होती है। गाय और सांप की भी पूजा होती है। इस प्रकार का अपना जीवन था। लेकिन भटके हुए तरीके के प्रभाव में आकर हम भूल गए। आज हमको भी पर्यावरण दिन के रूप में मनाकर स्मरण करना पड़ रहा है। 

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रकृति संरक्षण से जुड़े नागपंचमी, गोवर्धन पूजा, तुलसी विवाह जैसे त्यौहारों से नई पीढ़ी को जोड़ने पर जोर दिया। मोहन भागवत ने कहा, हमें प्रकृति से पोषण पाना है, प्रकृति को जीतना नहीं है। इस प्रकार का विचार करके आगे की पीढ़ी चलेगी। पिछले तीन से साढ़े तीन सौ साल में खराबी हुई है, उसे सौ-दो सौ वर्षों में सृष्टि सुरक्षित कर पाएंगे। पर्यावरण दिवस कोई मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है। 

पेट्रोल के भाव में लगातार पांचवें दिन वृद्धि, डीजल के दाम स्थिर, जानिए प्रमुख शहरों में क्या है आज का रेट