BREAKING NEWS

दिल्ली बॉर्डर सील मामले में SC ने तीनों राज्यों को NCR में आवागमन के लिए कॉमन नीति बनाने के दिए निर्देश◾वर्चुअल समिट में PM मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने के लिए जाहिर की प्रतिबद्धता ◾राहुल के साथ बातचीत में राजीव बजाज ने कहा- लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई◾केरल में हथिनी की हत्या पर केंद्र गंभीर, जावड़ेकर बोले-दोषी को दी जाएगी कड़ी सजा◾कांग्रेस को मिल सकता है झटका,पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP का दामन थाम सकते हैं सिद्धू ◾World Corona : दुनियाभर में करीब 4 लाख लोगों ने गंवाई जान, संक्रमितों का आंकड़ा 65 लाख के करीब ◾देश में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 2 लाख 17 हजार के करीब, अब तक 6000 से अधिक लोगों की मौत◾प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन आज वर्चुअल शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा◾US में वैश्विक महामारी का कहर जारी, संक्रमितों का आंकड़ा 18 लाख के पार ◾लद्दाख सीमा पर कम हुआ तनाव, गलवान और चुसूल में दोनों देश की सेनाएं पीछे हटीं◾नोएडा में भूकंप के झटके हुए महसूस , रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.2 मापी गई◾दिल्ली में कोरोना ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, बीते 24 घंटों में 1513 नए मामले आये सामने ◾कोविड-19: अब तक 40 लाख से अधिक नमूनों की जांच की गई , 48.31 फीसदी मरीज स्वस्थ ◾महाराष्ट्र में 24 घंटे में कोरोना से 122 लोगों की मौत, संक्रमितों की संख्या 74,860 हुई◾गृह मंत्रालय ने विदेशी कारोबारियों, स्वास्थ्यसेवा पेशेवरों और इंजीनियरों को भारत आने की अनुमति दी ◾केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों पर पीएम मोदी बोले - किसानों की आय में होगी वृद्धि, बंदिशें हुई खत्म◾गुजरात में फैक्टरी की भट्ठी में भीषण विस्फोट, पांच की मौत, 40 कर्मी झुलसे ◾मुंबई में चक्रवाती तूफान निसर्ग का कहर खत्म, कम हुई हवाओं की रफ्तार◾महाराष्ट्र के रायगढ़ में निसर्ग तूफान ने मचाई तबाही, कई जगह गिरे पेड़ और बिजली के खंभे ◾मोदी कैबिनेट ने किसानों के हित में लिया बड़ा फैसला, वन नेशन-वन मार्केट पर की चर्चा◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

अपनी ही सरजमीं पर शरणार्थी बन गए हैं भारतीय नागरिक : ममता बनर्जी 

कोलकाता : राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के अंतिम मसौदे में 40 लाख आवेदकों के नाम शामिल नहीं किए जाने के मुद्दे पर चिंता जाहिर करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कहा कि वे ‘‘भारतीय नागरिक अपनी ही सरजमीं पर शरणार्थी हो गए हैं।’’ ममता ने एनआरसी के अंतिम मसौदे की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘‘वोट बैंक की राजनीति’’ कर रही है और ‘‘बांटो एवं राज करो’’ की नीति अपना रही है। कड़ी सुरक्षा के बीच आज एनआरसी का अंतिम मसौदा प्रकाशित किया गया। इसमें 3.29 करोड़ आवेदकों में से 2.89 करोड़ के नाम शामिल किए गए हैं। बहरहाल, करीब 40.07 लाख आवेदकों के नाम एनआरसी के अंतिम मसौदे में शामिल नहीं किए गए हैं। एनआरसी को असमिया पहचान का सबूत करार दिया जा रहा है।

ममता ने आरोप लगाया कि 40 लाख से ज्यादा लोगों के नाम एनआरसी में शामिल नहीं करना ‘‘असम से बंगालियों को निकालने की कोशिश’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बंगालियों, बिहारियों और सभी के लिए लड़ रही हूं। वे पूरी तरह भारतीय हैं। मैं हर किसी के लिए लड़ रही हूं।’’ दिल्ली रवाना होने से पहले ममता ने राज्य सचिवालय में पत्रकारों से कहा कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की कोशिश करेंगी। ममता ने कहा, ‘‘मैं दिल्ली में गृह मंत्री से मिलने का समय लेने की कोशिश करूंगी और इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहूंगी। मैं मीडिया के जरिए उनसे अपील करना चाहूंगी कि इन लोगों को बचाएं और सिर्फ वोट बैंक की खातिर उन्हें अलग नहीं करें।’’  मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर ‘‘बांटो और राज करो’’ की नीति अपना रही है और ‘‘वोट बैंक की राजनीति’’ कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह साफ तौर पर वोट बैंक की राजनीति और चुनावी एजेंडा है। यह अलगाव यह देख कर किया जा रहा है कि भाजपा के लिए कौन वोट कर सकता है और कौन उनके लिए वोट नहीं कर सकता है।’’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता ने कहा कि केंद्र सरकार एक विधेयक लाकर असम में इतने लंबे समय से रह रहे लोगों का संरक्षण कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘संसद कानून में संशोधन कर सकती है या नया विधेयक ला सकती है ताकि इन लोगों को बचाया जाए।’’ गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा लोगों से नहीं घबराने की अपील करने पर ममता ने कहा, ‘‘फिर केंद्र सरकार ने वहां अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां क्यों भेजी है? क्या केंद्र ने सोचा है कि यदि उन लोगों को निकाल दिया गया तो उनका क्या होगा? असम की सीमा बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल से लगती है। हमें समस्या का सामना करना पड़ेगा। हमें नहीं भूलना चाहिए कि यह लोग रोहिंग्या नहीं बल्कि पूरी तरह भारतीय हैं।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या पश्चिम बंगाल सरकार उन लोगों को आश्रय देगी जिनके नाम एनआरसी के अंतिम मसौदे में शामिल नहीं हैं, इस पर ममता ने कहा, ‘‘उनके अपने घर हैं.....वे असम के निवासी हैं। यदि वे आना चाहेंगे तो हम इस बारे में सोचेंगे। लेकिन उन्हें निकाला ही क्यों जाए? वे भारतीय हैं, लेकिन वे अपनी ही सरजमीं पर शरणार्थी बन गए हैं।’’ ममता ने यह दावा भी किया कि कुछ ऐसे लोगों के भी नाम अंतिम मसौदे से हटा दिए गए हैं जिनके पास पासपोर्ट, आधार और वोटर कार्ड हैं। केंद्र पर 40 लाख लोगों को जबरन निकालने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा, ‘‘यह गंभीर चिंता की बात है। इंटरनेट सेवाएं खत्म कर दी गई हैं। हम असम में लोगों से संपर्क नहीं कर पा रहे।’’