BREAKING NEWS

पी चिदंबरम मामले पर बोले अखिलेश : सरकार से लड़ना है तो कागज की लड़ाई जीतनी पड़ेगी ◾LIVE : पी चिदंबरम ने अपने आप को बताया बेकसूर , दीवार फांद के घर में घुसी CBI की टीम◾Modi सरकार की कंपनियों को बड़ी राहत, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी इसकी जानकारी !◾अनुच्छेद 370 हटने से पाक अधिकृत कश्मीर लेना आसान नहीं : अखिलेश◾प्रियंका ने PM मोदी पर साधा निशाना , कहा - सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं औद्योगिक संस्थाओं के विज्ञापन◾TOP 20 NEWS 21 August : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾INX मीडिया मामले में चिदंबरम की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट◾SC में अयोध्या मामले की सुनवाई, हिंदू पक्ष के वकील ने रामलला को बताया नाबालिग◾सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम की याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार ◾PM मोदी ने जाम्बिया के राष्ट्रपति से की बातचीत, खनन और कारोबारी सहयोग पर दिया जोर ◾राहुल का केंद्र पर वार, कहा-चिदंबरम के चरित्रहनन के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही मोदी सरकार◾चिदंबरम के बचाव में प्रियंका, बोली-केंद्र की असफलताओं को उजागर करने की भुगत रहे है सजा◾उत्तर प्रदेश : योगी कैबिनेट का हुआ विस्तार, 23 मंत्रियो ने ली शपथ ◾कश्मीर मामले पर ट्रंप ने फिर की मध्यस्थता की पेशकश, कहा- PM मोदी से करूंगा बात◾INX मीडिया : चिदंबरम की बढ़ी मुश्किलें, ईडी ने जारी किया लुकआउट नोटिस ◾मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के निधन पर PM मोदी ने किया शोक व्यक्त ◾भारतीय सेना ने लिया अभिनंदन का बदला, गिरफ्तार करने वाले पाक कमांडो को किया ढेर◾चिदंबरम के लिए कयामत की रात, जेल या बेल पर फैसला सुबह ◾पंजाब, हरियाणा में बनी हुई है बाढ़ की स्थिति◾अयोध्या मामला : हिंदू निकाय ने न्यायालय से कहा: 12 वीं सदी में मंदिर के अस्तित्व का उल्लेख ◾

अन्य राज्य

मध्यप्रदेश : कमलनाथ ने बिजली कटौती पर चिंता जताई

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को यूनाइटेड फोरम फॉर पॉवर इंप्लाईज एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल के साथ राज्य में अघोषित विद्युत कटौती पर बैठक की। बैठक में दोनों पक्षों ने बिजली कटौती से आमजन को हो रही परेशानी और छवि पर पड़ रहे असर पर चिंता जताई। 


मध्य प्रदेश में पिछले कुछ अरसे से अघोषित बिजली कटौती जारी है, और इससे राज्य सरकार और बिजली विभाग से जुड़ी कंपनियों की छवि प्रभावित हो रही है। 


राज्य के विभिन्न बिजली संगठनों के संयुक्त संगठन यूनाइटेड फोरम फॉर पॉवर इंप्लाईज एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ व विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। बैठक में राज्य में बिजली की उपलब्धता और मांग पर विस्तार से चर्चा हुई। कमलनाथ ने प्रतिनिधि मंडल से साफ कहा कि बिजली कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें और सरकार उनके हितों का संरक्षण करेगी। 


सरकार की तरफ से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से कहा, 'शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिले। वे संतुष्ट हों और विद्युत विभाग की खराब छवि में सुधार आए। इसके लिए सभी विद्युत वितरण कंपनियों के कर्मचारी समर्पण के साथ काम करें।'


मुख्यमंत्री ने कहा, 'विद्युत विभाग में काम कर रहे सभी कर्मियों को आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार तत्पर है। प्रदेश और उपभोक्ताओं के हित के साथ विद्युत कर्मियों की परेशानी दूर करने के लिए सरकार हर वह निर्णय लेगी, जिससे विद्युत वितरण की व्यवस्था को और ज्यादा सु²ढ़ बनाया जा सके।'


कमलनाथ ने कहा, 'बिजली की अघोषित कटौती और विद्युत वितरण व्यवस्था सुचारु न होने के कारण सरकार को नागरिकों की आलोचना का शिकार होना पड़ा है। जरूरत इस बात की है कि विद्युत विभाग अपनी छवि सुधारने के लिए काम-काज में व्यापक सुधार लाए।' 


मुख्यमंत्री ने कहा, 'सरकार का सबसे ज्यादा जोर प्रदेश में विद्युत व्यवस्था स्थाई रूप से सु²ढ़ बनाने पर है। इसके लिए दीर्घकालीन उपायों पर विचार करना होगा। मांग और आपूर्ति के बीच में सामंजस्य लाना होगा। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन में हो रहे घाटे को कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाने होंगे। विद्युत चोरी पर भी शक्ति के साथ अंकुश लगाना होगा। उच्च गुणवत्ता के उपकरण ही खरीदे जाएं।'


उन्होंने कहा, 'सरकार सब्सिडी की बड़ी राशि विद्युत मंडल को दे रही है। उसके बाद भी कृषि और गैर कृषि क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को लेकर असंतोष है। यह चिंता का विषय है।' 


फेडरेशन के संयोजक वी. के. एस. परिहार ने आईएएनएस को बताया, 'मुख्यमंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल की सकारात्मक चर्चा हुई है। बिजली विभाग व्यवस्था में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने एक माह के बाद फिर मुलाकात करने को कहा है। बिजली विभाग अपनी जिम्मेदारी का बेहतर तरीके से निर्वहन करने के बाद मुख्यमंत्री से अपनी समस्याओं और मांगों पर चर्चा करेगा।'