सत्ता में आने के लिए छटपटा रही है BJP, जरुरत हुई तो जाऊंगा बेंगलुरु : कमलनाथ

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कमलनाथ ने कहा कि हमारी सरकार नयी नहीं है, जो हम बहुमत साबित करें। हम कई बार सदन में बहुमत साबित कर चुके हैं। अब यदि बीजेपी को कुछ लगता है तो उसे अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहिए।

मध्य प्रदेश की राजनीति में शुरू हुआ सियासी संग्राम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पार्टी के बागी विधायकों से मिलने की हर संभव कोशिश में लगे है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को फिर बंगलूर में कांग्रेस के विधायकों को बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन सोलह विधायकों को वापस लाने में क्या परेशानी है। 
उन्होंने मीडिया से कहा कि इन सोलह विधायकों को भोपाल वापस लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्य में सत्ता में आने के लिए छटपटा रही है। कमलनाथ ने कहा कि हमारी सरकार नयी नहीं है, जो हम बहुमत साबित करें। हम कई बार सदन में बहुमत साबित कर चुके हैं। अब यदि बीजेपी को कुछ लगता है तो उसे अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर जरुरत हुई तो वह बेंगलुरु जा सकते हैं। 


इससे पहले कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा ‘बैंगलोर में बीजेपी द्वारा बंधक बनाए गए कांग्रेस विधायकों से मिलने गए कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह एवं कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों को मिलने से रोकना, उनसे अभद्र व्यवहार करना, उन्हें बलपूर्वक हिरासत में लेना पूरी तरह से तानाशाही और हिटलर शाही है। पूरा देश आज देख रहा है कि एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिये किस प्रकार से बीजेपी द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जा रही है। 

उन्होंने कहा ‘क्यों विधायकों से मिलने नहीं दिया जा रहा है, आखिर किस बात का डर बीजेपी को है। बीजेपी द्वारा एक गंदा खेल प्रदेश में खेला जा रहा है। लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मूल्यों और अधिकारों का दमन किया जा रहा है। हमारे हिरासत में लिये गये नेताओ को शीघ, रिहा किया जावे और बंधक विधायकों से मिलने की इजाजत दी जाए।’

Desk Team