रेरा प्राधिकरण के अध्यक्ष अन्टोनी डिसा ने कहा है कि रेरा एक्ट जिन पक्षकारों को ध्यान में रखकर बनाया गया हैं। उन्हें इसके प्रति जागरूक किये बगैर एक्ट की मंशा पूरी नहीं हो सकती। श्री डिसा आज‘रेरा और उसके क्रियान्व्यन तथा प्रभाव’पर रिनान्सा विधि विश्वविघालय में दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा सामाजिक दायित्व है, जो जरूरतमदों के सपनों को पूरा करता हैं।

इस कार्य में विधि-विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनकी सहभागिता भी आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि रेरा-एक्ट नागरिक केद्रित है परन्तु बिल्डरों के विरूद्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे जो बदलाव आएगा, उससे बिल्डरों को ज्यादा खरीदार मिलने के साथ ही बाजार में मांग बढ़गी। साथ ही खरीदार अपनी गाढ़ कमाई से समय पर पंसदीदा आवास प्राप्त कर सकेंगे।

रियल एस्टेट, भारतीय अर्थ-व्यवस्था में योगदान देने वाला दूसरा महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर की सफलता के लिये इससे जुड़ सभी घटकों द्वारा रेरा के नियमों का पालन जरूरी हैं। रेरा एक्ट का लाभ आम लोगों को मिले, इसके लिये सभी प्रोजेक्ट का पंजीयन होना आवश्यक है।

अभी तक रेरा प्राधिकरण में 2105 प्रोजेक्ट पंजीकृत हो चुके हैं। शेष बची अपूर्ण परियोजनाओं के पंजीयन के लिए प्राधिकरण दृढ़-संकल्पित हैं। प्राधिकरण द्वारा अपंजीकृत प्रोजेक्ट/कालोनी की जानकारी देने वाले सूचनाकर्ताओं को पुरस्कृत करने के लिए पुरस्कार योजना भी लागू की गई हैं। योजना के अनुसार किसी भी सूचनाकर्ता द्वारा अपंजीकृत अपूर्ण परियोजना की जानकारी का वाट्सअप संदेश,मोबाईल नंबर 8989880123 पर अथवा रेरा रिवार्ड एडदरेट ऑफ जीमेलडॉट काम पर मेल के माध्यम से भेजा जा सकता हैं।