पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को कोलकाता की सड़कों पर उतरीं और पूरे देश में एनआरसी लागू करने के प्रस्ताव तथा संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने देने का अपना संकल्प दोहराया।
तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने शहर के बीचों-बीच स्थित रेड रोड से विरोध मार्च शुरू किया। यह मार्च उत्तरी कोलकाता में नोबेल पुरस्कार विजेता प्रख्यात रचनाकार गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर के आवास, जोरासांको ठाकुर बाड़ी पर जाकर समाप्त होगा। रेड रोड से यह जगह करीब चार किलोमीटर की दूरी पर है। ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक ‘शपथ’ पढ़ते हुए कहा, “हम बंगाल में एनआरसी और सीएए को कभी लागू करने नहीं देंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि यदि आप मेरी सरकार को बर्खास्त करना चाहते हैं, तो आप कर सकते हैं, लेकिन मैं पश्चिम बंगाल में संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी को कभी अनुमति नहीं दूंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा के बीच आरोप लगाया कि कुछ लोग भाजपा से पैसे लेकर आगजनी और तोड़फोड़ के कृत्यों को अंजाम देते हैं।
ममता ने कहा, “केवल भाजपा यहां रहेगी और बाकी सभी को छोड़ दिया जाएगा, यह उनकी राजनीति है।यह कभी नहीं होगा। भारत सबका है।अगर सबका साथ नहीं रहेगा तो सबका विकास क्या हो गया? नागरिकता कानून किसके लिए है? हम सभी नागरिक हैं। क्या आपने वोट नहीं डाला? क्या आप यहां नहीं रहते?”


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